केंद्र की नीतियों से होकर परेशान ट्रांस्पोर्टर ने की आत्महत्या: हरीश रावत

Thursday, January 11, 2018 5:36 PM
केंद्र की नीतियों से होकर परेशान ट्रांस्पोर्टर ने की आत्महत्या: हरीश रावत

देहरादून/ब्यूरो। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने चुटकी लेते हुए कहा कि किशोर उपाध्याय अपने नाम की तरह किशोर है  इसलिए उनकी टिप्पणी को बुरा नहीं माना जाना चाहिए। वह अभी भी किशोर ही हैं। देहरादून में प्रेस कांफ्रेस में जब हरीश रावत से पूछा गया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा है कि कांग्रेस के हरीश रावत सहित सभी बडे नेता अहंकारी है, श्री रावत ने कहा कि किशोर अभी भी उसी अवस्था में है। 

 

इससे पहले हरीश रावत ने कहा कि प्रकाश ने किसी भावुकता में आकर आत्महत्या नहीं की बल्कि केंद्र की जीएसटी और नोटबंदी जैसी नीतियों के चलते जिस तरह लोग परेशान हुए हैं, उसी स्थिति में प्रकाश भी तंग हुए हैं। वह मानसिक रूप से इतना टूट गए कि उन्होंने आत्महत्या कर ली।  इस बेहद दुखद कदम को उठाने से पहले उन्होंने साफ कहा कि जीएसटी के निर्णय से उनकी स्थिति बहुत खराब हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से लेकर हर स्तर पर अपनी बात पहुंचानी चाही लेकिन अफसोस है कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। 

 

रावत ने कहा कि जीएसटी के चलते और राज्य की नीतियों के चलते राज्य की आय लगातार कम हो रही है। नए आय के साधन नहीं बन रहे हैं। पांच साल बाद राज्य कहां होगा कहां नहीं जा सकता है। उन्होने कहा कि सरकारी र्आिथक नीतियों के चलते  राज्य के वितीय  आय कम होती जा रही है।

 

उप्र और उत्तराखंड के बीच संपत्ति के बंटवारे पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परिवहन समझौते पर गलत श्रेय लेकर लोगों को गुमराह कर रही है। कांग्रेस के समय उप्र की सपा सरकार के साथ जो समझौता हुआ था उससे एक कदम भी आगे नहीं बढी है। यही नहीं उत्तराखंड सरकार को जो प्राप्ति होनी चाहिए सरकार उससे एक कदम आगे नहीं बढ रही है। 



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