''''मैंने विवादित ढांचा तुड़वाया था, इसकी जिम्मेदारी लेता हूं, चाहे तो फांसी दे दो''''

Sunday, November 5, 2017 11:05 PM
''''मैंने विवादित ढांचा तुड़वाया था, इसकी जिम्मेदारी लेता हूं, चाहे तो फांसी दे दो''''

कानपुरः श्रीराम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष रामविलास वेदांती ने अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि मैंने ही ये ढांचा गिरवाया था, ये बात मैंने कोर्ट में भी कही थी। अब फिर से कह रहा हूं, चाहे तो मुझे फांसी दे दो। वे कानपुर के किदवई नगर स्थित संत सम्मेलन में पहुंचे थे। इस सम्मेलन में जगतगुरु शंकराचार्य वासुदेव सरस्वती महाराज, स्वामी चिन्मयानंद, साध्वी प्राची समेत कई महामंडलेश्वर मौजूद थे। इस दौरान राम मंदिर के मुद्दे पर संतो ने विस्तर से चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि लाखों लोग साक्षी हैं कि उस विवादित ढांचे को मैंने तुड़वाया। इसकी जिम्मेदारी मैं लेता हूं। इसके लिए चाहे मुझे फांसी पर लटका दो, राम लला के नाम पर मैं साधू बना, अब उन्हीं के नाम पर मैं मर जाना चाहता हूं। इस दौरान रामविलास वेदांती ने कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादी नहीं चाहते हैं कि राम मंदिर मुद्दा खत्म हो। साथ ही वो सुन्नी वक्फ बोर्ड को पैसे देकर ये झगड़ा खत्म नहीं होने देना चाहते। 

साथ ही उन्होंने कहा कि रामलला मंदिर का श्री गणेश 18 अक्टूबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने कर दिया है। हिन्दू-मुस्लिम बैठकर इसका हल निकाले, इसके लिए सभी मुस्लिम धर्मगुरु और इमामों को बुलाया जाए। श्रीराम जन्म भूमि न्याय क अध्यक्ष ने कहा, मंदिर मुद्दे पर मध्यस्तता करने के लिए कोई भी आगे आ सकता है।

चाहे वो हिन्दू हो या मुस्लिम, चाहे सिया वक्फ बोर्ड हो या सुन्नी वक्फ बोर्ड,  इतना ही चाहे कोई अपने देश का हो या विदशी। हम राम जन्म भूमि मुद्दे पर चर्चा के लिए हर तरह से तैयार हैं।



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