जहर खाने वाले ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डेय को नहीं दिया जायेगा मुआवजा

Friday, January 12, 2018 8:11 PM
जहर खाने वाले ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डेय को नहीं दिया जायेगा मुआवजा

देहरादून/ब्यूरो। जहर खाकर अत्महत्या करने वाले ट्रांसपोटर्र प्रकाश पाण्डेय के परिजनों को दा लाख रुपये बतौर मुआवजा देने के अपने आश्वासन से त्रिवेन्द्र सरकार एकदम पलट गई है। मीडिया के सामने सरकार का स्टैंड साफ करते हुये सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कोई गलत परम्परा न पड़े इसलिये सरकार आत्महत्या के मामले में मुआवजा देने के पक्ष में नहीं है।

 

उन्होंने यह भ्री कहा कि सरकार ने प्रकाश पाण्डेय के परिजनों से मुआवजा या अन्य किसी प्रकार की मद्द का कोई आश्वासन नहीं दिया गया था। बढ़ते विरोध और विपक्ष के दवाब को देखते हुये त्रिवेन्द्र सरकार इस बात पर सहमत हुई थी कि प्रकाश पांडे की पत्नी को संविदा पर सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपये की मदद की दी जायेगी। सरकार की ओर से यह आश्वासन नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने प्रकाश के परिजनों को दिया था, जिसकी पुष्टि नैनीताल के जिलाधिकारी दीपेन्द्र चौधरी ने की थी।

 

सरकार की ओर से की गई इस घोषणा के बाद मृतक के परिवार का रोष थोड़ा कम हुआ था और वे ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के अंतिम संस्कार करने को राजी हो गये। मामला थोड़ा शांत होते ही मुख्यमंत्री खुद की ही घोषणा से पलट गये। उनका कहना है कि जैसे अन्य लोगों को मुआवजा दिया जाता है वैसे ही प्रकाश पाण्डेय को भी दिया जाएगा। ऐसे में सवाल यह उठने लगा कि क्या नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश और जिलाधिकारी दीपेन्द्र चौधरी ने जो घोषणा की थी वो सरकार से पूछे बगैर की थी ? इसका जवाब शुक्रवार को सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री व शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने दिया।

 

मीडिया से मुखातिब कौशिक ने कहा कि जिलाधिकारी दीपेन्द्र कौशिक की घोषणा से सरकार का कोई लेना देना नहीं। उन्हें नहीं पता कि डीएम ने यह घोषणा किससे पूछकर की। उन्होंने साफ किया कि प्रकाश पाण्डेय की मौत के बाद आत्मदाह की 7 धमकियां सरकार को मिली है, जो बेहद गम्भीर मामला है। कौशिक ने कहा कि आत्महत्या करने वालों को मुआवजा देकर सरकार इस गलत परम्परा को शुरू नहीं करना चाहती।

 

हरीश को सिर्फ राजनीति से मतलब
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के उस बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रकाश पाण्डेय की आत्महत्या को सामान्य नहीं माना जा सकता यह संवेदनशील मामला है, के जवाब में मदन कौशिक ने कहा कि हरीश रावत को सिर्फ राजनीति करनी आती है। उन्होंने सभी सियासी दलों को राय दी कि इस मामले में राजनीति नहीं की जानी चाहिये।

वंशीधर भगत के पत्र से भी झाड़ा पल्ला
शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि भाजपा विधायक वंशीधर भगत ने मुख्यमंत्री को क्या पत्र लिखा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। बताते चलें कि बीते गुरुवार को विधायक वंशीधर भगत का एक पत्र सोशली मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा था कि सरकार प्रकाश पाण्डेय के परिजनों को दस लाख रुपया मुआवजा देने का अपना वायदा पूरा करे। उन्होंने पत्र में लिखा है कि मैंने इस बारे में मुख्यमंत्री से बातकर मृतक के परिजनों को खुद आश्वासन दिया था।

ये घोषणाएं की थी नेता प्रतिपक्ष व डीएम ने



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