उमा भारतीः सामाजिक सरोकारों से ही बचेंगी नदी और नारी

Sunday, August 13, 2017 12:27 AM
उमा भारतीः सामाजिक सरोकारों से ही बचेंगी नदी और नारी

इलाहाबादः नदी और नारी को सामाजिक सरोकारों से ही बचाया जा सकता है। सिर्फ सरकार के प्रयास से इन्हें बचाना मुश्किल है। जब तक हमारा दृष्टिकोण नहीं बदलेगा, तब तक हालात नहीं बदलेंगे। ये कहना था केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती का। शनिवार को इलाहाबाद में एक कार्यक्रम में पहुंची केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, आज लड़कियों पर हमले अधिक हो रहे हैं। इसका कारण समाज की मानसिकता ही है। सरकार हर लड़की के साथ कमांडो नहीं लगा सकती। लेकिन यदि समाज नदी और नारी का सम्मान करना सीख जाए तो न तो ऐसी घटनाएं होंगी न ही देश की कोई नदी प्रदूषित रहेगी। 

उमा भारती ने कहा कि, गंगा के प्रवाह के मार्ग में कानपुर सबसे गंदा स्ट्रेच है। इसलिए इसे 'ट्रीट' करने की तैयारी चल रही है। टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है। जल्द ही टेनरीज, लेदर इंडस्ट्री और स्लॉटर हाउसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 2019 तक कानपुर की पूरी गंदगी डायवर्ट कर दी जाएगी।

हमारा उद्देश्य है कि, गंगा में ट्रीटेड वाटर भी न जाए। नालों का मुंह ही गंगा की तरफ नहीं रहेगा। सीवेज वाटर को खेती के काम में लिया जाएगा जबकि, केमिकल वाला पानी नष्ट किया जाएगा। इसके लिए वाराणसी, ऋषिकेश, हरिद्वार और कानपुर में वेस्ट वाटर मैनेजमेंट के लिए कंपनियों से एमओयू किए गए हैं। भविष्य में वेस्ट वाटर मैनेजमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक उद्योग के रूप में उभरेगा। 

केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि, कैबिनेट नोट के जरिए 1750 करोड़ का प्रावधान गंगा किनारे के गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए किया गया था। इनमें 578 करोड़ दिए जा चुके हैं जबकि 874 करोड़ बचे हैं। इस रकम को गांवों को सुंदर बनाने पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, जब गंगा में जलीय जीव दोबारा दिखने लगेंगे तो मान लिया जाएगा कि, गंगा अपने पुराने स्वरूप में लौट आई हैं। 

केन्दीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि, यूपी के 4480 गांवों को ओडीएफ करने का संकल्प था, जिसे पूरा कर लिया गया है। आज 24 गंगा ग्रामों की घोषणा की गयी है। इन गांवों से किसी भी प्रकार की गंदगी गंगा में नहीं जाएगी। देश के 6 लाख गांवों को ओडीएफ बनाना है इनमें 2 लाख 25 हजार गांव ओडीएफ हो चुके हैँ। इनमें 9 हजार से अधिक यूपी के हैं।



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