कभी मंच पर था कविता पढ़ने का सपना, अब इटावा के इस कवि को अमेरिका में मिलेगा ये बड़ा सम्मान

Tuesday, August 29, 2017 3:15 PM
कभी मंच पर था कविता पढ़ने का सपना, अब इटावा के इस कवि को अमेरिका में मिलेगा ये बड़ा सम्मान

इटावा(हरिओम यादव): अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के सुप्रसिद्ध कवि कुमार मनोज को अमेरिका में वाणीदूत सम्मान से नवाजा जाएगा। मनोज को यह सम्मान अगले महीने अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में दिया जाएगा। इसकी घोषणा अखिल विश्व हिंदी समिति ने की है। यही नहीं कुमार मनोज को इस साल होने वाले सभी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी कवि सम्मेलनों में संचालन का भी जिम्मा दिया गया है। बता दें कि कुमार मनोज इससे पहले भी अमेरिका सहित कई देशों में काव्यपाठ कर चुके हैं। जिसमें उन्हें जबरदस्त ख्याति और समर्थन हासिल हुआ था। अंतर्राष्ट्रीय विश्व हिंदी समिति की घोषणा के बाद से ही उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई है

अमेरिका में 7 कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत
अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान वे 2 सितम्बर को शाम 5 बजे ऑरलैंडो फ्लोरिडा में, 3 सितम्बर को किस्सीमी फ्लोरिडा, 4 सिंतबर को नासा, 5 को बहामास और 7 से 10 सितम्बर तक न्यूयॉर्क एवं न्यूजर्सी में काव्यपाठ करेंगे। जबकि 9 सितम्बर को भव्य ऑकलैंड गार्डन्स ऑडिटोरियम में कुमार मनोज को 'वाणीदूत २०१७ सम्मान' से नवाज़ा जायेगा।
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कौन हैं कुमार मनोज ?
इटावा जिले के एक छोटे से गांव अहकारीपुर में पैदा हुए कवि कुमार मनोज वीर रस के देश के ओजस्वी कवियों की फेहरिस्त में हैं। लगभग डेढ़ दशक से ज्यादा समय से वे अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों का हिस्सा रहे हैं। कुमार मनोज के साहित्य में हर वर्ग के लोगों की दीवानगी देखने को मिलती है। मसलन उनकी कविताओं में प्रेम, समर्पण, ओज और वलिदान की अमिट छाप दिखती है। इस दौर के करिश्माई कवि कुमार विश्वास और हरिओम पंवार भी उनकी रचनात्मक शैली के प्रशंसक हैं। कुमार मनोज का गजल संग्रह ‘समंदर बोल उठता है’ काफी लोकप्रिय हो चुका है। कुमार की कविता में आधुनिकता और परंपरावादी सोच का सांमजस्य देखने को मिलता है।
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कुमार मनोज की शहादत पर लिखी कविता ‘आपके लिए तो एक आदमी मरा है साहब, लेकिन मेरे घर की तो रोटियां चली गईं’ आज-कल आम तौर पर लोगों की जुबान पर मिल जाती है। स्वंय कुमार मनोज भी ये मानते हैं कि उनकी इन पंक्तियों ने उनके जीवन के इस नायाब सफर में चार चांद लगाए। गौरतलब है कि इस कविता को अक्सर बड़े मंचों पर कई बड़े कवियों को पढ़ते सुना गया है।

पेश हैं ‘समंदर बोल उठता है’ का लोकप्रिय छंद:-

हमारे नाम को जिसने मिटा देने की कोशिश की
उसी के नाम का हम रोज इक दीपक जलाते हैं

अमेरिका में कुमार मनोज के साथ प्रख्यात शायरा शबीना अदीब (कानपुर), डॉ अनु 'सपन'  (भोपाल) और हास्य कवि रमेश 'मुस्कान' (आगरा) को भी आमंत्रित किया गया है। कुमार की इस बुलंदी पर उनके फैन्स में जमकर उत्साह देखने को मिल रहा है।



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