लखनऊ: आलू फेंकने के मामले में कन्नौज से SP कार्यकर्त्ता समेत 2 गिरफ्तार

Saturday, January 13, 2018 12:16 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सीएम आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर सड़कों पर आलू फेंकने के मामले में लखनऊ क्राइम ब्रांच और एटीएस ने 2 लोगों को कन्नौज से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक सपा का कार्यकर्त्ता अंकित चौहान व दूसरा आरोपी प्रदीप लोडर मालिक है।
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जानकारी के अनुसार अंकित चौहान तिर्वा कोतवाली के फगुहा भट्टा गांव का रहने वाला है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने कई गांवों में छापेमारी की। इसके बाद लखनऊ क्राइम ब्रांच और एटीएस ने लोडर को बरामद कर लिया है।
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लखनऊ में साजिश के तहत फेंका गया आलू : SSP
लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि लखनऊ के राजभवन, विधानभवन तथा लोहिया पथ के 1090 चौराहे के सामने एक साजिश के तहत आलू फेंके गए। इस मामले में 6 लोग शामिल थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने करीब 10 हजार से ज्यादा नम्बरों को खंगाला। उसमें एक संदिग्ध नम्बर संतोष पाल का मिला।

जांच से पता चला है कि संतोष पाल की गाड़ी सुबह पौने 4 बजे इसी इलाके में घूम रही थी। सीसीटीवी कैमरे से पता चला कि फुटेज में दिखी गाड़ी कन्नौज की है। आलू फेंकने में कुक्कू चौहान, प्रदीप सिंह बंगाली, दीपेन्द्र, संदीप, दीपेंद्र चौहान तथा बडे कुमार समेत 6 लोग शामिल थे। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने सतीश जाटव और अनुराग दोहरे के कोल्ड स्टोरेज से पुराना आलू खरीदा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में 2 आरोपियों तिर्वा क्षेत्र के फगुहा भट्टा गांव अंकित चौहान और लोडर मालिक प्रदीप को हिरासत लेकर पूछताछ की जा रही है। दोनों समाजवादी पार्टी (सपा) युवा वाहिनी के सदस्य हैं। दोनों सपा से चुनाव भी लड़े थे।

गौरतलब है कि गत छह जनवरी की सुबह राजभवन, विधानभवन तथा लोहिया पथ के 1090 चौराहे के पास आलू फेंके गये थे। विरोधी दल के नेता इसे किसानों का गुस्सा बता रहे थे जबकि प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत सड़कों पर सड़े आलू फेंकवाए गए। मंडियों से छांटकर आलू को बाहर कर दिया गया है। विपक्ष योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहा है।



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