राज्यसभा चुनाव में आया नया मोड़, दाखिल नामांकन पत्रों की जांच में 1 निर्दलीय का नामांकन खारिज

Tuesday, March 13, 2018 3:42 PM

लखनऊः उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों लिए भरे गए नामांकन पत्रों की जांच में बुधवार एक निर्दलीय प्रत्याशी का नामांकन खारिज किया गया है। केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली समेत भाजपा के सभी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र जांच में सही पाए गए। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि समाजवादी पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी के एक-एक प्रत्याशी का नामांकन पत्र भी सही पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि निर्दलीय महेश चन्द्र शर्मा का नामांकन पत्र खारिज किया गया है। निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन पत्र में किसी विधायक का नाम प्रस्तावक में नहीं था।

सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 23 मार्च को होगा। इन सीटों के लिए अब 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन चुनावों की सही तस्वीर नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम दिन 15 मार्च को ही सामने आएगी। भाजपा सूत्रों के अनुसार उनके 2 उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले लेगें। 9 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। राज्यसभा की 10वीं सीट के लिए विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने वाली बहुजन समाज पार्टी को गाजियाबाद से व्यवसायी अनिल अग्रवाल ने नामांकन पत्र भर कर चौका दिया। इसके बाद भाजपा के प्रदेश महासचिव विधा सागर सोनकर (जौनपुर) एवं कानपुर के पूर्व विधायक साहिल विश्नोई ने भी अपना नामांकन दाखिल किया।  

नामांकन की सोमवार आखिरी दिन भारतीय जनता पार्टी के 11 उम्मीदवार में केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली, पूर्व सपा नेता अशोक वाजपेयी, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, विजयपाल सिंह तोमर, डा. अनिल जैन, जी वी एल नरसिन्हा राव, हरनाथ सिंह यादव एवं अनिल अग्रवाल ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे।  इसके अलावा बसपा के बी आर अंबेडकर ने 2 सैटों में नामांकन पत्र भरे है जबकि सपा उम्मीदवार जया बच्चन ने शुक्रवार को ही अपना नामांकन भरा था। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से भाजपा 8 सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर सकती है और उसके पास 28 मत शेष रहेंगे, क्योंकि एनडीए गठबंधन के पास 324 मतदाता है। इसी प्रकार सपा के पास एक सीट जीतने के लिए बहुमत है। उसके पास 47 विधायक है और एक सीट जीतने बाद 10 मत शेष रहेंगे। 

10वीं सीट के लिए लड़ाई बसपा उम्मीदवार एवं अनिल अग्रवाल के बीच होगी। बसपा ने अपने 19 एवं सपा के 10 ,कांग्रेस के सात एवं आरएलडी का एक विधायक के समर्थन के बलबूते अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा है। 10वीं सीट जीतने के लिए दूसरी वरीयता के मत मुख्य भूमिका निभाएगें। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 मतों की आवश्यकता है।  



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