त्यागी के इस्तीफे के बाद दून मैट्रो प्रोजैक्ट को लग सकता है झटका

Sunday, September 10, 2017 10:28 AM
त्यागी के इस्तीफे के बाद दून मैट्रो प्रोजैक्ट को लग सकता है झटका

देहरादून: उत्तराखंड मैट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जितेन्द्र त्यागी के इस्तीफे के बाद दून-हरिद्वार-ऋषिकेश मैट्रो रेल प्लान को झटका लग सकता है। माना जा रहा है कि परियोजना में न सिर्फ देरी होगी, बल्कि त्यागी जैसे अनुभवी अफसर का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।

यह त्यागी का ही प्रस्ताव था कि मैट्रो को दून-हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच ही नहीं, बल्कि दून शहर के भीतर भी दौड़ाया जाए। उन्होंने इसके लिए 2 रूट प्रस्तावित किए, एक रूट आई.एस.बी.टी. से कंडोली (राजपुर), जबकि दूसरा रूट एफ.आर.आई. वन अनुसंधान संस्थान से रायपुर तक बनाया। मैट्रो की डी.पी.आर. डिटेल प्रोजैक्ट रिपोर्ट में भी दोनों रूट शामिल किए गए। उन्होंने हरिद्वार रूट पर अधिक लागत और मुख्य मार्ग पर उसके अनुरूप पर्याप्त यात्रियों के अभाव को देखते हुए इसका विस्तार संबंधित शहरों के अंदरूनी हिस्सों में भी करने का निर्णय लिया था।

यह उनका ही प्रयास था कि मैट्रो रेल का जो कुल रूट पहले 73 किलोमीटर था, वह बाद में बढ़कर 100 किलोमीटर हो गया। दून के भीतर 2 रूटों के अलावा हरिद्वार में बहादराबाद से हरिद्वार शहर के भीतर का रूट भी इसमें शामिल किया गया है। इसी तरह मैट्रो रेल परियोजना की जो लागत पहले 17 से 20 हजार करोड़ रुपए आंकी गई थी, वह अब बढ़कर 26 से 27 हजार करोड़ रुपए हो गई है।

मुश्किल भरा हो सकता है नया अफसर तलाशना 
पद पर रहते हुए त्यागी का दावा था कि वह 4 साल के भीतर एलिवेटिड ट्रैक का काम पूरा कर शहर के किसी न किसी हिस्से में मैट्रो का संचालन शुरू कर देंगे। मगर त्यागी के इस्तीफे के बाद यह काम लटक सकता है, क्योंकि अगर त्यागी को सरकार नहीं मना पाई तो नया अफसर तलाशना होगा। तलाश व नियुक्ति में ही लम्बा समय गुजर सकता है। 



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