गर्मियों में क्यों बढ़ जाती हैं Periods की दिक्कतें? जानिए हार्मोन्स, दर्द और ब्लोटिंग से जुड़ी जरूरी बातें
punjabkesari.in Monday, May 25, 2026 - 04:06 PM (IST)
नारी डेस्क: गर्मी का मौसम सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि महिलाओं की पीरियड्स हेल्थ को भी प्रभावित कर सकता है। तेज धूप, बढ़ता तापमान, ज्यादा पसीना और शरीर में पानी की कमी कई बार मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा देते हैं। कुछ महिलाओं को गर्मियों में पीरियड्स जल्दी आ जाते हैं तो कुछ को देरी होती है। वहीं कई महिलाएं इस दौरान ज्यादा दर्द, हैवी ब्लीडिंग, पेट फूलना, कमजोरी और मूड स्विंग जैसी समस्याओं का सामना करती हैं। हालांकि हर महिला का पीरियड्स साइकिल अलग होता है और हल्के बदलाव सामान्य माने जाते हैं, लेकिन गर्मी और डिहाइड्रेशन कई बार इन समस्याओं को और बढ़ा सकते हैं। ऐसे में इस मौसम में शरीर का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
गर्मी का शरीर और पीरियड्स पर क्या असर पड़ता है?
गर्मियों में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस वजह से शरीर से अधिक पसीना निकलता है और पानी के साथ जरूरी मिनरल्स भी कम होने लगते हैं। अगर पर्याप्त पानी न पिया जाए तो शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। इसका असर हार्मोन्स पर पड़ता है, जिससे पीरियड्स साइकिल गड़बड़ा सकती है। कई महिलाओं को इस दौरान ज्यादा थकान, सिरदर्द, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं महसूस होती हैं।

क्यों बढ़ जाते हैं दर्द और ऐंठन?
पीरियड्स के दौरान पहले से ही कई महिलाओं को पेट दर्द और ऐंठन की शिकायत रहती है। गर्मियों में शरीर में पानी की कमी और कमजोरी के कारण यह परेशानी और बढ़ सकती है। कुछ महिलाओं को पेट में भारीपन, सूजन और मांसपेशियों में जकड़न भी महसूस होती है। गर्म मौसम शरीर को जल्दी थका देता है, जिससे पीरियड्स के दौरान असहजता ज्यादा महसूस हो सकती है।
क्या गर्मियों में हैवी पीरियड्स हो सकते हैं?
कुछ महिलाओं को गर्मियों में ज्यादा ब्लीडिंग यानी हैवी पीरियड्स की समस्या भी होती है। हालांकि गर्मी सीधे तौर पर इसका कारण नहीं मानी जाती, लेकिन हार्मोनल बदलाव, कमजोरी और डिहाइड्रेशन पीरियड्स को मुश्किल बना सकते हैं। जिन महिलाओं को पहले से PCOS, थायरॉइड या एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याएं होती हैं, उनमें गर्मियों के दौरान लक्षण और ज्यादा बढ़ सकते हैं।
मौसम बदलने से हार्मोन्स पर पड़ता है असर
गर्मी का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल पर भी पड़ता है। तेज गर्मी की वजह से कई लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती, भूख कम लगती है और फिजिकल एक्टिविटी भी घट जाती है। इन सभी चीजों का सीधा असर हार्मोनल बैलेंस पर पड़ता है। हार्मोन असंतुलित होने पर पीरियड्स समय से पहले या देर से आ सकते हैं।

गर्मियों में महिलाओं को हो सकती हैं ये समस्याएं
पेट फूलना और भारीपन
गर्मियों में ज्यादा नमक वाला खाना, जंक फूड और कम पानी पीने से शरीर में पानी जमा होने लगता है। इससे पेट फूलने और भारीपन की समस्या हो सकती है। कई महिलाएं इसे वजन बढ़ना समझ लेती हैं, जबकि असल वजह शरीर में पानी रुकना होता है।
मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन: तेज गर्मी और नींद की कमी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस दौरान महिलाएं जल्दी गुस्सा, तनाव, चिंता या उदासी महसूस कर सकती हैं।
कमजोरी और थकान: पीरियड्स के दौरान शरीर में पहले से कमजोरी महसूस होती है। गर्मियों में ज्यादा पसीना आने और पानी की कमी से थकान और बढ़ सकती है।
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गर्मियों में पीरियड्स की दिक्कतों से कैसे बचें?
शरीर को हाइड्रेट रखें
गर्मी में पर्याप्त पानी पीना सबसे जरूरी है। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और सिरदर्द, सूजन व कमजोरी कम महसूस होती है। नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक भी फायदेमंद हो सकते हैं। तरबूज, खीरा, खरबूजा और संतरा जैसे पानी से भरपूर फल भी शरीर को ठंडक और ऊर्जा देते हैं।
हल्का और पौष्टिक भोजन करें
गर्मियों में तला-भुना, ज्यादा मसालेदार और नमकीन भोजन कम खाना चाहिए। ऐसा खाना सूजन और पेट फूलने की समस्या बढ़ा सकता है। इसके बजाय हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज जैसे हेल्दी फूड्स खाने चाहिए।
हल्की एक्सरसाइज जरूर करें
पीरियड्स के दौरान पूरी तरह बेड रेस्ट लेने की बजाय हल्की वॉक, योग या स्ट्रेचिंग करना फायदेमंद हो सकता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द में राहत मिल सकती है। पर्याप्त नींद लें अच्छी नींद हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में मदद करती है। कोशिश करें कि रोज 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें।

सफाई का रखें ध्यान
गर्मियों में ढीले और सूती कपड़े पहनना ज्यादा आरामदायक होता है। साथ ही पीरियड्स के दौरान समय-समय पर सैनिटरी पैड बदलना और साफ-सफाई रखना जरूरी है, ताकि इंफेक्शन का खतरा कम हो सके।
इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
अगर किसी महिला को बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, तेज दर्द, बार-बार चक्कर आना, लगातार कमजोरी या लंबे समय तक अनियमित पीरियड्स की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए। कई बार ये लक्षण किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकते हैं।
मौसम और शरीर का गहरा संबंध
महिलाओं के लिए यह समझना जरूरी है कि मौसम का असर शरीर और हार्मोन्स दोनों पर पड़ता है। गर्मियों में सही खानपान, पर्याप्त पानी, आराम और अच्छी दिनचर्या अपनाकर पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

