22 साल के वैभव मिश्रा डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया के बन रहे हैं सरताज...

11/28/2020 3:53:56 PM

यूपी डेस्क: कहते हैं सफलता प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती है। जब कुछ कर गुजर जाने का सुरूर (नशा) इंसान के दिमाग पर चढ़ जाए तब इंसान सफलता पाने की राह पर निकल पड़ता है और अपनी मेहनत के दम पर एक दिन सफलता का मुकाम हासिल कर लेता है।

छोटी उम्र में सफल व्यक्ति बनने की मिसाल कायम  
ऐसे ही आज हम आपको एक शख्सियत से मिलवाने जा रहे है जिसने छोटी उम्र में ही सफल व्यक्ति बनने की मिसाल कायम की है। हम बात कर रहे हैं वैभव मिश्रा की जिन्होंने वास्तव में एक महत्वाकांक्षी और साथ ही एक रचनात्मक दिमाग वाले व्यक्ति का उदाहरण हैं। चुनौतियों को स्वीकार करने से वे कभी नहीं कतराते हैं और इनकी स्मार्टनेस के चलते अब तक की कड़ी मेहनत को इस 22 साल के युवा उद्यमी को परिभाषित करती है।

वैभव ने कर दिखाया 'अनुभव शैक्षिक योग्यता से अधिक महत्वपूर्ण' 
बता दें कि इस उम्र में वैभव ‘‘ब्लॉज़न एडवरटाइजिंग एंड मीडिया” के सीओओ और फाउंडर हैं। उनके पास पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक की डिग्री है। बहुत कम उम्र में, वैभव ने ऑनलाइन ब्रांडों के निर्माण में सोशल मीडिया की ताकत और इसके रुझानों का एहसास कर लिया था। वे कहते हैं, "अनुभव शैक्षिक योग्यता से अधिक महत्वपूर्ण है और हाँ, मैं वास्तव में डिजिटल मार्केटिंग में अनुभवी हूँ!" वैभव बचपन से ही नई रचनात्मक चीजें सीखने में प्रयासरत थे। उन्हें अपने माता-पिता और दोस्तों से भी अच्छा सहयोग मिला।

12वीं बोर्ड की परीक्षा ने व्यापारी बनने के सपनों को तोड़ा   
वैभव का सपना एक व्यापारी बनने का था लेकिन दुर्भाग्य वश वह अपने इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड की परीक्षा में असफल हो गया, जिससे वह काफी निराश हो गए थे। इन्होंने अपने दोस्त नवीन सैनी के मार्गदर्शन में डिजिटल मार्केटिंग सीखना शुरू किया। 21 साल की कम उम्र में, खुद की कंपनी शुरू करने का उनका सपना सच हो गया। वैभव ने फेसबुक एड कैंपेन जैसी डिजिटल मार्केटिंग तकनीकों के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया। जल्द ही उन्हें इस डिजिटल दुनिया में विभिन्न अवसरों का पता चल गया। इन्होंने अपनी कला में महारत हासिल की और इस व्यापक डिजिटल दुनिया में नाम कमाया।

आइए जानते हैं वैभव का सबसे शक्तिशाली टैंलेंट
वैसे इस डिजिटल दुनिया में नाम कमाना कोई आसान काम नहीं है..वैभव का सबसे शक्तिशाली टैंलेंट सोशल मीडिया मार्केटिंग में छुपा है। इन्होंने पहले कुछ बेहतरीन मीडिया कंपनियों के साथ काम किया है और कनेक्शन के मजबूत नेटवर्क का निर्माण किया है जिन्होंने उनके बिजनेस करने की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वैभव ने बताया- मैंने डिजिटल मार्केटिंग को जिज्ञासा से सीखा था
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए वे कहते हैं, “शुरू में मैंने डिजिटल मार्केटिंग को जिज्ञासा से सीखा था, लेकिन सीखने के लिए बहुत कुछ है कि मुझे डिजिटल मार्केटिंग में सभी कामों के साथ प्यार हो गया। मैं अभी भी सीख रहा हूं, अभी भी अपने आप को मार्केट में नए रुझानों से अपडेट रखता हूं। वे कहते हैं हमेशा लोगों को बिजनेस में सफल होने के लिए नए लोगों से मिलना चाहिए और उनसे नया सीखना चाहिए। बैभव की माने तो जीवन में सफल होने के लिए, सबसे महत्वपूर्ण मंत्र  मजबूत संपर्क बनाना...है। 

मैंने इस मीडिया उद्योग में खुद को मैनेज नहीं किया है: वैभव
वैभव से जब भविष्य की योजनाओं के बारे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मैंने इस मीडिया उद्योग में खुद को मैनेज नहीं किया है। मेरी कंपनी अच्छा कर रही है, मेरे ग्राहक खुश हैं, और मैं अपनी यात्रा के बारे में भी उतना ही खुश हूं। वर्कफ़्लो (कार्य की निरंतरता) बहुत अच्छा है, और मेरी कड़ी मेहनत वास्तव में अच्छा अमाउंट पा भी रही है, और मैं हमेशा नए काम के लिए तैयार हूं।

मैंने कुछ लक्ष्य निर्धारित किए हैं... मैं वह हासिल करना चाहता हूं: मिश्रा
नए संपर्क बनाने को लेकर ज़्यादा बात करते हुए, डिजिटल एक्सपर्ट वैभव मिश्रा कहते हैं," मैंने कुछ लक्ष्य निर्धारित किए हैं, कुछ इच्छाएं है मेरे जीवन में, और मैं वह हासिल करना चाहता हूं। अंत में वैभव मिश्रा कहते है कि खैर, मेरे लिए हार्ड वर्क करना मुख्य है और धैर्य ही मेरा मंत्र है। साथ ही, उन्होंने सभी लोगों को मेहनत और अपना लक्ष्य निर्धारित करने को लेकर इंस्पायर किया, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग सफल हो सके।


Umakant yadav

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