यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान 70.69 लाख नए आवेदन, नाम हटाने को 2.68 लाख आपत्तियां

punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 03:47 PM (IST)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत छह जनवरी से छह मार्च के बीच नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए 70.69 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं नाम हटाने के लिए 2.68 लाख से ज्यादा आपत्तियां दर्ज की गई हैं। यह जानकारी शनिवार को नवदीप रिनवा ने दी।

महिलाओं के आवेदन ज्यादा
लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि दो महीने की दावा-आपत्ति अवधि के दौरान प्रपत्र-6 के माध्यम से 70,69,810 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 35,72,603 आवेदन महिलाओं और 34,96,911 आवेदन पुरुषों द्वारा दिए गए, जबकि तृतीय लिंग मतदाताओं की ओर से 296 आवेदन प्राप्त हुए। इससे स्पष्ट है कि इस बार महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही। उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 से अब तक कुल 86,69,073 प्रपत्र-6 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 43,06,364 आवेदन पुरुषों, 43,62,323 आवेदन महिलाओं और 386 आवेदन तृतीय लिंग मतदाताओं के हैं।

नाम हटाने के लिए भी आईं आपत्तियां
रिनवा ने बताया कि छह जनवरी से छह मार्च के बीच प्रपत्र-7 के माध्यम से 2,68,682 आपत्तियां दर्ज की गईं। इनमें 1,58,027 आवेदन पुरुष मतदाताओं, 1,10,645 आवेदन महिला मतदाताओं और 10 आवेदन तृतीय लिंग मतदाताओं के नाम हटाने से संबंधित हैं। वहीं 27 अक्टूबर 2025 से छह मार्च 2026 तक कुल 3,18,140 प्रपत्र-7 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1,86,362 पुरुष, 1,31,766 महिला और 12 तृतीय लिंग मतदाताओं के मामले शामिल हैं।

मसौदा सूची में 12.55 करोड़ मतदाता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार छह जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज थे। इनमें 6.88 करोड़ पुरुष (54.8 प्रतिशत), 5.67 करोड़ महिलाएं (45 प्रतिशत) और 4,119 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।

3.26 करोड़ मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस
रिनवा ने बताया कि 3.26 करोड़ मतदाताओं को उनके विवरण के सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से अब तक लगभग 2.80 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है।

राज्यभर में बनाए गए 5,621 सुनवाई केंद्र
पुनरीक्षण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने राज्य भर में 5,621 स्थानों पर सुनवाई की व्यवस्था की है। इसके साथ ही मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। बूथ स्तर के अधिकारियों ने घर-घर जाकर सत्यापन किया और मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी दर्ज की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभी करीब 14 प्रतिशत मामलों की सुनवाई लंबित है, लेकिन काम की वर्तमान गति को देखते हुए पूरी प्रक्रिया 27 मार्च तक निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी होने की उम्मीद है।


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Content Writer

Ramkesh

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