फोन पर रिश्तेदार बनकर बहाए झूठे आंसू और फिर एक कॉल पर साफ कर दिए लाखों... क्या आप भी कर रहे हैं यही गलती?
punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 08:06 AM (IST)
Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर अपनी चालबाजी से एक परिवार की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल दिया है। कासिमाबाद थाना क्षेत्र के अविसहन गांव में रहने वाली गरिमा सिंह के साथ इमोशनल ब्लैकमेलिंग के जरिए 4.15 लाख रुपए की बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया।
भावुक कर जाल में फंसाया
यह पूरी साजिश 23 फरवरी 2026 को शुरू हुई। गरिमा सिंह के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को गरिमा का करीबी रिश्तेदार बताया और अपनी बातों में ऐसा उलझाया कि पीड़िता को शक ही नहीं हुआ। ठग ने रोते हुए कहा कि उसके दोस्त की पत्नी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है और इलाज के लिए तुरंत पैसों की सख्त जरूरत है।
गूगल-पे और फोन-पे से खाली किया खाता
ठग की बातों पर भरोसा कर गरिमा ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। उसने न केवल अपने बैंक खाते से, बल्कि अपने पिता और भाई के यूपीआई (UPI) अकाउंट का इस्तेमाल कर कई बार में कुल 4,15,000 रुपए आरोपी द्वारा बताए गए नंबरों पर ट्रांसफर कर दिए।
एक कॉल से खुला राज
पैसे भेजने के कुछ समय बाद जब गरिमा को संदेह हुआ, तो उन्होंने असल रिश्तेदार को फोन लगाया। वहां से जवाब मिला कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और ना ही उन्होंने कोई पैसे मांगे हैं। यह सुनते ही गरिमा के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें अहसास हुआ कि वे साइबर अपराधियों के जाल में फंस चुकी हैं।
कानूनी कार्रवाई
ठगी का अहसास होने पर गरिमा ने तुरंत गाजीपुर साइबर थाने में गुहार लगाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात ठग के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है जिनके जरिए ठगी की गई।

