सावधान! टीचर ने YouTube से सीखी ड्रग्स बनाने की केमिस्ट्री, करोड़ों के जहर के साथ पुलिस ने दबोचा
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 01:54 PM (IST)
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। जहां केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के एक शिक्षक ने अपनी शिक्षा का इस्तेमाल बच्चों का भविष्य संवारने के बजाय मौत का जहर बनाने में किया। हैदराबाद पुलिस ने आगरा से आरोपी शिक्षक मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है, जो यूट्यूब की मदद से करोड़ों रुपये की MDMA (ड्रग्स) तैयार कर रेव पार्टियों में सप्लाई करता था।
यूट्यूब बना गुरु, घर बना ड्रग फैक्ट्री
पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मनोज ने बताया कि जब उसे आगरा में ढंग की नौकरी नहीं मिली, तो वह जोधपुर चला गया। वहां उसकी मुलाकात गणित (Maths) के शिक्षक वीरेंद्र से हुई। वीरेंद्र ने उसे ड्रग्स के धंधे में भारी मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद मनोज ने यूट्यूब और इंटरनेट खंगालना शुरू किया और घर पर ही अवैध एमडीएमए ड्रग्स तैयार करने की विधि सीख ली।
जोधपुर कनेक्शन और गिरफ्तारी का जाल
हैदराबाद नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम लंबे समय से एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का पीछा कर रही थी। हाल ही में जोधपुर के शिक्षक वीरेंद्र की गिरफ्तारी हुई, जिसने आगरा के इस केमिस्ट्री मास्टर का नाम उगला। शुक्रवार को हैदराबाद पुलिस ने आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में दबिश दी। मनोज के घर और किराए की दुकान से हजारों लीटर खतरनाक केमिकल बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, बरामद माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ो रुपए है।
केमिकल का खतरनाक जखीरा
पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने का सामान बरामद किया है, जो किसी बड़ी लैब जैसा मंजर पेश कर रहा था। 120 लीटर मिथाइलामाइन और 450 लीटर डिस्टल वाटर। 27 लीटर हाइड्रोब्रोमिक एसिड और 100 लीटर एथाइल एसिटेट। इसके अलावा एसिटोन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और एथेनॉल जैसे घातक रसायन भी मिले।
क्या है MDMA?
मैथिलीन डाईऑक्सीमैथेफेंटामाइन (MDMA) एक प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग है। इसे लेने के बाद व्यक्ति को तीव्र उत्तेजना और मतिभ्रम का अनुभव होता है। रेव पार्टियों में इसकी भारी मांग रहती है और यह युवाओं के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
पुलिस की कार्रवाई
एडिशनल डीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि आरोपी मनोज कुमार मूल रूप से फिरोजाबाद का रहने वाला है और पिछले 15 साल से आगरा में रह रहा था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है और अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस सिंडिकेट के तार और किन-किन शहरों से जुड़े हैं।

