8 औरतें, 8 मर्द और रबर का सांप! गोरखपुर में लूट का वो अनोखा तरीका, जिसने उड़ा दी थी सबकी नींद; ऐसे हुआ खुलासा
punjabkesari.in Sunday, Feb 22, 2026 - 10:31 AM (IST)
Gorakhpur News: गोरखपुर के मंदिरों और बाजारों में इन दिनों एक अजीब तरह का सांप का खौफ था, लेकिन यह सांप काटता नहीं बल्कि जेवर गायब कर देता था। पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो रबर के सांप और छिपकली दिखाकर भीड़ में भगदड़ मचाता था और पलक झपकते ही महिलाओं के गहने साफ कर देता था।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
इस गैंग का तरीका (Modus Operandi) किसी भी पेशेवर अपराधी से अलग और हैरान करने वाला था। गिरोह की नजर उन महिलाओं पर रहती थी जो सोने-चांदी के भारी गहने पहनकर मंदिर या भीड़भाड़ वाले बाजार आती थीं। जैसे ही महिला भीड़ में होती, गैंग का सदस्य उसके पास रबर का नकली सांप या छिपकली फेंक देता और चिल्लाता— सांप! सांप! सांप के नाम से जैसे ही भगदड़ मचती, गैंग की महिलाएं शिकार को घेर लेती थीं। धक्का-मुक्की के बीच नेलकटर से बड़ी सफाई से चैन या गहने काट लिए जाते थे। जब तक पीड़ित को सांप के नकली होने या जेवर गायब होने का पता चलता, गैंग के सदस्य अलग-अलग दिशाओं में गायब हो जाते।
16 सदस्यों का कॉर्पोरेट गैंग
यह कोई आम पॉकेटमार गिरोह नहीं था। इसमें 8 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल थे। महिलाओं की भूमिका सबसे अहम थी क्योंकि वे भीड़ में आसानी से घुल-मिल जाती थीं और उन पर जल्दी शक नहीं होता था। यह गिरोह गोरखपुर के अलावा मऊ, गाजीपुर और देवरिया जैसे जिलों में भी सक्रिय था।
पुलिस का ट्रैप और गिरफ्तारी
तरकुलहा मंदिर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद क्षेत्राधिकारी रत्नेश्वर सिंह के नेतृत्व में चौरीचौरा पुलिस ने जाल बिछाया। सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों ने जैसे ही गैंग को 'सांप वाला नाटक' करते देखा, उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
बरामदगी देख पुलिस भी दंग:-
- 4 रबर के सांप और 3 रबर की छिपकलियां।
- 8 नेलकटर (गहने काटने के औजार)।
- 5 चार पहिया वाहन (वारदात के बाद भागने के लिए)।
- 2 सोने जैसी चेन, मोबाइल और ₹45,940 कैश।
सावधानी ही बचाव
पुलिस के मुताबिक, अपराधी अब तकनीक के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक डर का इस्तेमाल कर रहे हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर अचानक हुई किसी भी हलचल या शोर-शराबे के समय अपने कीमती सामान के प्रति अधिक सतर्क रहें।

