थारू समाज को मिला हक, CM योगी का बड़ा ऐलान-पुराने मुकदमे होंगे वापस, 800 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ
punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 05:15 PM (IST)
लखीमपुर खीरी: जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी शासनकाल में थारू समाज पर दर्ज सभी मुकदमों को उनकी सरकार वापस लेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में थारू समुदाय के साथ अन्याय हुआ और उन्हें बेवजह प्रताड़ित किया गया।
हजारों परिवारों को मिला जमीन का अधिकार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 4356 थारू परिवारों और 2350 अन्य प्रभावित परिवारों को भूमि स्वामित्व के अधिकार पत्र वितरित किए। दशकों से जमीन पर रहने के बावजूद जिन लोगों को मालिकाना हक नहीं मिला था, उन्हें अब कानूनी अधिकार प्रदान किए गए हैं।
817 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
सीएम योगी ने पलिया, निघासन, गोला गोकर्णनाथ और श्रीनगर क्षेत्रों में करीब 817 करोड़ रुपये की 300 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर क्षेत्र में समान विकास सुनिश्चित करना है।
माफियाओं पर सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि प्रदेश में माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग अपराध की राह चुनेंगे, उन्हें कानून का सामना करना पड़ेगा और उनकी जगह जेल होगी।
सरकार किसानों के साथ खड़ी
सीएम योगी ने कहा कि हाल की ओलावृष्टि और बारिश से प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नुकसान का तुरंत आकलन कर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
थारू समाज को मिलेगा रोजगार और पहचान
मुख्यमंत्री ने थारू समाज के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें लाभार्थी नहीं बल्कि उद्यमी बनाया जाएगा। थारू हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
हर गांव तक पहुंच रही सरकारी योजनाएं
उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन सरकार’ के तहत हर गांव, गरीब, किसान और नौजवान तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के जरिए लोगों को उनके घर और जमीन का अधिकार दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य-आत्मनिर्भरता और सम्मान
सीएम योगी ने कहा कि सरकार का मकसद केवल योजनाएं लागू करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर और सम्मानित जीवन देना है। उन्होंने इसे अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की दिशा में बड़ा कदम बताया।

