हिंडन एयरपोर्ट की चमक हुई फीकी! 50 से सीधे 14 पर सिमटी उड़ानें, अब इन 3 बड़े शहरों के लिए नहीं मिलेगी फ्लाइट

punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 02:11 PM (IST)

Ghaziabad News: दिल्ली-एनसीआर के हवाई यात्रियों को एक बड़ा झटका लगा है। गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से हवाई सफर करने का सपना अब मुश्किल होता जा रहा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यहां से अपना बोरिया-बिस्तर पूरी तरह समेट लिया है, वहीं इंडिगो ने भी अपनी उड़ानों में भारी कटौती कर दी है। इस फैसले के बाद मुंबई, अहमदाबाद और पटना जैसे बड़े शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी खत्म हो गई है।

उड़ानों का अकाल: 50 से सीधे 14 पर पहुंचा आंकड़ा
पिछले साल जब हिंडन एयरपोर्ट से सिविल टर्मिनल की शुरुआत हुई थी, तब यात्रियों में भारी उत्साह था। उस समय यहां से करीब 16 शहरों के लिए 50 उड़ानें चलती थीं। लेकिन अब हालात ये हैं कि यह संख्या घटकर केवल 7 शहरों और 14 उड़ानों तक ही सीमित रह गई है। मुंबई, पटना, अहमदाबाद के अलावा भटिंडा, लुधियाना और किशनगढ़ जाने वाले यात्रियों को अब मायूसी हाथ लगेगी। गाजियाबाद और नोएडा के लोगों के लिए हिंडन एक राहत की तरह था, लेकिन अब उन्हें दोबारा दिल्ली के IGI एयरपोर्ट की दौड़ लगानी होगी, जिससे समय और जेब दोनों पर बोझ बढ़ेगा।

कंपनियों ने क्यों मोड़ा मुंह? ये हैं 3 बड़े कारण
एयरलाइंस कंपनियों के हिंडन से पीछे हटने के पीछे कुछ गंभीर तकनीकी और व्यापारिक कारण सामने आए हैं:-

समय की पाबंदी
हिंडन एयरपोर्ट भारतीय वायुसेना के एयरबेस का हिस्सा है। सुरक्षा कारणों से यहां केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही उड़ानें संभव हैं। रात में विमान लैंड या टेक-ऑफ नहीं कर सकते, जिससे कंपनियों को ऑपरेशन में दिक्कत आती है।

कोहरे का कहर
सर्दियों के मौसम में कोहरे की वजह से यहां विजिबिलिटी बहुत कम हो जाती है। इसके पास कोई आधुनिक लैंडिंग सिस्टम न होने के कारण अक्सर उड़ानें रद्द करनी पड़ती हैं, जिससे कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान होता है।

मुनाफे की कमी
विमानों की कमी के चलते एयरलाइंस अब केवल उन्हीं रूट्स पर ध्यान दे रही हैं जहां से उन्हें पक्का मुनाफा मिल रहा है। हिंडन फिलहाल यात्रियों की संख्या के मामले में कंपनियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।

क्या कहते हैं अधिकारी?
हिंडन एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, उड़ानों को बंद करने का फैसला एयरलाइंस का अपना व्यावसायिक निर्णय है। हालांकि, प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि वे लगातार कंपनियों के संपर्क में हैं ताकि भविष्य में नई उड़ानें फिर से शुरू की जा सकें और संसाधनों की कमी को दूर किया जा सके।


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Content Editor

Anil Kapoor

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