मायावती ने तय किया सतीश चंद्र मिश्रा के लिए यूपी चुनाव में नया रोल, दी ये अहम जिम्मेदारी, ब्राह्मण वोटों पर खेला दांव

punjabkesari.in Wednesday, Aug 19, 2026 - 06:25 PM (IST)

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां जारी हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण समाज को भी बसपा से खासतौर से जोड़ने का इरादा जाहिर करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र को अहम जिम्मेदारी देने का ऐलान किया। मायावती ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर बसपा के जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने के साथ-साथ पार्टी उम्मीदवारों के चयन व उनके नामों की पार्टी के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों में घोषणा करने की प्रक्रिया जारी है, जिसे लेकर विरोधी पार्टियों में काफी बेचैनी है। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''समाज के सभी वर्गों खासकर ब्राह्मण समाज को पार्टी में उनकी भूमिका और बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की तैयारी के साथ साथ पार्टी के उम्मीदवारों के चयन और विधानसभा स्तर के कार्यकर्ता सम्मेलनों में उनके नामों की घोषणा की प्रक्रिया जारी है।'' उन्होंने कहा, ''पार्टी ने जब से यह प्रक्रिया शुरू की है तब से विरोधी पार्टियों में इसे लेकर चर्चा व चिंताएं दोनों होना स्पष्ट हैं। इनके हथकंडों से बहुजन समाज के लोगों को लगातार सजग व सतर्क रहने की जरूरत है।'' मायावती ने पोस्ट में आगे कहा कि इसी सिलसिले में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री सतीश चंद्र मिश्र को पार्टी द्वारा 'कानूनी और मीडिया' के साथ-साथ अब निर्वाचन आयोग संबंधी कार्यों की भी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी सौंपी गयी है और खासकर आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान कई मायने में उनकी अहम भूमिका रहेगी। 

मायावती ने यह निर्णय पिछले हफ्ते सतीश चंद्र मिश्र के रिश्तेदार पूर्व मंत्री अनन्त मिश्र उर्फ अंटू मिश्र को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में दल से निष्कासित किये जाने के बाद लिया है। मायावती की पार्टी ने वर्ष 2007 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पहली बार स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनायी थी और उस समय पार्टी की कामयाबी का श्रेय दल की 'सोशल इंजीनियरिंग' को दिया गया था। कभी 'तिलक, तराजू और तलवार, इनको मारो जूते चार' का नारा देने वाली बसपा ने वर्ष 2007 में ब्राह्मण समाज को भी अपने साथ जोड़ा था और उसे पहली बार स्पष्ट बहुमत मिला था। 


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Content Editor

Purnima Singh

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