'शिफ्ट में पढि़ए नमाज, लेकिन सड़क पर नहीं', ईद से पहले CM Yogi की चेतावनी, बोले- प्यार से मानेंगे ठीक, नहीं तो दूसरा तरीका अपनाएंगे

punjabkesari.in Tuesday, May 19, 2026 - 01:59 PM (IST)

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सोमवार को नमाजियों से कहा कि नमाज पढ़नी आवश्यक है तो शिफ्ट में पढि़ए, हम उसको नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे। योगी ने बकरीद पर्व से पहले कहा, ''हम सड़कों पर अराजकता नहीं पलने देंगे। प्यार से मानेंगे तो ठीक बात है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।'' मुस्लिम समुदाय का प्रमुख पर्व बकरीद संभवत: इस महीने की 28 तारीख को मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री एक प्रमुख समाचार पत्र के स्थापना दिवस पर आज लखनऊ में आयोजित ''संवाद उत्तर प्रदेश: स्वर्ण शताब्दी की ओर' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

'आवागमन बाधित करने का अधिकार किसी को नहीं'
उन्‍होंने कहा कि ''बाहर लोग पूछते हैं कि क्या यूपी में सड़कों पर नमाज नहीं होती, मैं कहता हूं कि कतई नहीं होती। जाकर देख लीजिए, नहीं होती है।'' उन्होंने जोर देकर कहा कि ''सड़कें चलने के लिए हैं, या कोई भी व्यक्ति आकर चौराहे पर तमाशा बना देगा। क्‍या अधिकार है उसको सड़क रोकने का और आवागमन बाधित करने का उसको कौन सा अधिकार है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि ''जहां उसका स्‍थल होगा वहां जाकर पढ़े। उन लोगों ने कहा कि कैसे होगा, हमारी संख्या ज्यादा है, क्या करें, तो हमने कहा कि शिफ्ट में पढ़ लो। नमाज पढ़नी आवश्यक है तो आप शिफ्ट में पढि़ये। हम उसको रोकेंगे नहीं, लेकिन सड़क पर नहीं पढ़ने देंगे।'' 

हम अराजकता सड़कों पर नहीं पलने देंगे
उन्‍होंने फिर दोहराया, ''सड़क चलने के लिए है, आम नागरिक के लिए है, बीमार व्यक्ति के लिए है, एक कर्मचारी के लिए, एक सामान्य नागरिक के लिए, एक व्यापारी के लिए, हम सड़क को बाधित नहीं करने देंगे। सरकार का नियम सार्वभौम है जो सबके लिए समान रूप से लागू होता है।'' योगी ने कहा कि ''हम अराजकता सड़कों पर नहीं पलने देंगे। प्यार से मानेंगे तो ठीक बात है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। हमारा काम है संवाद बनाना, संवाद से मानेंगे तो संवाद से नहीं तो संघर्ष से भी देख लो। बरेली में लोगों ने ताकत आजमाने का काम किया, देख ली ताकत।'' 

मुख्यमंत्री ने कहा, ''अगर तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो संख्या नियंत्रित कर लो और सामर्थ्य नहीं है तो बेकार क्‍यों संख्या बढ़ाई जा रही है। और यदि चाहिए आपको कि आपको सिस्टम के साथ रहना है तो नियमों और कानून को मानना शुरू करें। कानून का राज होगा और कानून के राज को सब पर समान रूप से लागू करेंगे।'' 


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Content Editor

Purnima Singh

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