यमराज के द्वार से U-टर्न!  जिस महिला को डॉक्टरों ने कहा ब्रेन डेड, उसे सड़क के एक झटके ने दे दी नई जिंदगी

punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 08:04 AM (IST)

Pilibhit News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसा चमत्कारिक मामला सामने आया है, जिसे सुनकर डॉक्टर भी हैरान हैं। आमतौर पर सड़कों के गड्ढे हादसों और मौत का कारण बनते हैं, लेकिन बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे (NH-74) पर मौजूद एक गड्ढा 50 वर्षीय विनीता शुक्ला के लिए जीवनदान साबित हुआ।

अंतिम संस्कार की हो चुकी थी तैयारी
पीलीभीत के रहने वाले कुलदीप कुमार शुक्ला की पत्नी विनीता शुक्ला की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद विनीता को ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। डॉक्टरों का कहना था कि अब बचने की कोई उम्मीद नहीं है। भारी मन से कुलदीप 24 फरवरी को अपनी पत्नी को एम्बुलेंस से घर ले जा रहे थे। उन्होंने रास्ते में ही परिजनों को फोन कर अंतिम संस्कार की तैयारी करने को कह दिया था।

गड्ढे ने दिया इलेक्ट्रिक शॉक जैसा झटका
कुलदीप के मुताबिक, एम्बुलेंस जब हाफिजगंज के पास पहुंची, तो नेशनल हाईवे पर एक बहुत बड़ा गड्ढा आया। तेज रफ्तार एम्बुलेंस जैसे ही उस गड्ढे से टकराई, अंदर लेटी विनीता को एक जोरदार झटका लगा। यह झटका किसी मेडिकल मिरेकल (चमत्कार) की तरह काम कर गया। जो महिला कुछ देर पहले तक सांस नहीं ले पा रही थी, उसने अचानक सामान्य रूप से सांस लेना शुरू कर दिया।

अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटीं घर
पत्नी की सांसें लौटते देख पति की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत परिजनों को अंतिम संस्कार रोकने के लिए कहा और विनीता को पीलीभीत के न्यूरोसिटी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां कुछ दिनों तक चले इलाज के बाद विनीता पूरी तरह होश में आ गईं और बातचीत करने लगीं। सोमवार को वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आईं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि कभी-कभी शरीर को लगा अचानक और तेज झटका डिफिब्रिलेटर (हृदय को बिजली का झटका देने वाली मशीन) की तरह काम कर जाता है, जिससे रुकी हुई या धीमी पड़ चुकी शारीरिक प्रक्रियाएं फिर से सक्रिय हो सकती हैं। विनीता के मामले में हाईवे का वह गड्ढा उनके लिए खुदा का फरिश्ता बनकर आया।


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Content Editor

Anil Kapoor

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