'सभी धर्मों के ग्रंथों, रीति-रिवाजों और मान्यताओं के प्रति सम्मान जरूरी', आंबेडकर प्रतिमा विवाद पर मायावती की दो टूक

punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 01:39 PM (IST)

बदायूं : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर जारी विवाद पर शासन-प्रशासन से शांतिपूर्ण और उचित समाधान निकालने की अपील की है। सुश्री मायावती ने बुधवार को‘एक्स'पर कहा कि डॉ. आंबेडकर ने सभी जाति-धर्म के लोगों को समानता और समतामूलक अधिकार देने वाला संविधान देकर देश को एकजुट और सशक्त बनाने की गारंटी सुनिश्चित की।

उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के ग्रंथों, धार्मिक रीति-रिवाजों और मान्यताओं के प्रति सम्मान होना चाहिए तथा किसी की धार्मिक भावनाओं की अनदेखी या उनमें हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की अस्मिता, सम्मान और पर्दे आदि से जुड़े मामलों को भी संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। स्कूलों में वर्दी, पर्दा, चादर और हिजाब जैसे मामलों को तूल देकर अदालत-कचहरी में विवाद का कानूनी मुद्दा बनाने के बजाय स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आपसी समझ-बूझ से समाधान निकालना चाहिए, ताकि किसी को संकीर्ण राजनीति करने का अवसर न मिले।

बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी सर्वसमाज के सम्मान और लोगों के जान-माल तथा मजहब की सुरक्षा की गारंटी वाली आंबेडकरवादी पार्टी है। उन्होंने कहा है कि धर्म, धार्मिक ग्रंथ और धार्मिक प्रचलन या मान्यताओं से जुड़े संवेदनशील मामलों पर सभी लोगों को टीका-टिप्पणी करने से बचना चाहिए, जो देश और जनहित में होगा। सुश्री मायावती ने बदायूं में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर उत्पन्न विवाद और तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन को तत्काल इसका शांतिपूर्ण और उचित समाधान निकालना चाहिए। 
 


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Content Editor

Purnima Singh

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