''गोरखपुर नहीं, सपा समर्थकों के घर हैं दलितों पर अत्याचार के गढ़''... राजभर का Akhilesh पर तीखा पलटवार

punjabkesari.in Friday, Jun 19, 2026 - 06:55 AM (IST)

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राज्य में दलितों पर अत्याचार से जुड़े समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए दावा किया कि ऐसे अपराधों में समाजवादी पार्टी (SP) के समर्थक सबसे ज्यादा शामिल हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष राजभर ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यादव के दावों पर पलटवार किया।

'दलित उत्पीड़न में यादव-मुस्लिम ही सबसे आगे'
यादव ने बुधवार को लखनऊ में संवाददाता सम्मेलन के दौरान पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया था कि उत्तर प्रदेश दलितों पर अत्याचार के मामले में देश में सबसे आगे है और मु्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का क्षेत्र गोरखपुर राज्य में अपराध के मामलों में सबसे ऊपर है। मंत्री ने इन आरोपों का जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के कथित आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दलितों पर अत्याचार के मामलों में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोग सबसे अधिक आरोपी हैं। उन्होंने कहा कि क्या वह (अखिलेश) सपा के यादवों और सपा के मुसलमानों द्वारा दलितों पर किए गए अत्याचारों को सार्वजनिक नहीं करेंगे?

राजभर ने सपा समर्थकों को बताया उपद्रवी
राजभर ने जोन और कमिश्नरेट के आंकड़े साझा करते हुए आरोप लगाया कि पूरे राज्य के हर पुलिस जोन और कमिश्नरेट में आप जैसे लोग दलितों और वंचितों पर अत्याचार के मामलों में सबसे ज्यादा शामिल हैं। मंत्री ने सपा समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके विदेश से लौटे अखिलेश यादव ने कल एयर कंडिशनर वातावरण में संवाददाता सम्मेलन किया और दावा किया कि गोरखपुर में दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए हैं। यह इसलिए हुआ क्योंकि आपके उपद्रवी और आपराधिक सोच वाले समर्थकों के काम वहां सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं।

760 मामलों में 641 आरोपी सपा के कोर वोटर
मंत्री ने दावा किया कि गोरखपुर जोन में दर्ज 760 मामलों में से 297 यादव और 344 मुस्लिम आरोपी हैं। उन्होंने आगरा, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, मेरठ और लखनऊ जोन के साथ-साथ आगरा, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी कमिश्नरेट के आंकड़ों का भी हवाला दिया। राजभर ने कहा कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जा रहा है और उत्तर प्रदेश पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है।


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Content Editor

Anil Kapoor

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