''एसएसपी चैंबर में पीटा, SOG ने उल्टा लटकाया...'' मेरठ में बर्बरता के बाद देर रात हटाए गए SSP
punjabkesari.in Friday, Aug 21, 2026 - 01:31 PM (IST)
Meerut News: मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस कस्टडी में बर्बरता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी किसान व सपा नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने एसएसपी और एसओजी (SOG) टीम पर दफ्तर में ढहाए गए जुल्म की दास्तान सुनाई है। मामले के तूल पकड़ते ही शासन ने देर रात मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय को पद से हटाकर लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दिग्विजय भाटी का आरोप है कि जमानत मिलने के बाद जब उन्हें बातचीत के बहाने बुलाया गया, तो तात्कालीन एसएसपी ने अपने चैंबर में गालियां दीं और करीब डेढ़ घंटे तक जूतों, लात-घूंसों से पीटा। आरोप है कि इसके बाद दोनों को एसओजी के हवाले कर दिया गया, जहां इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने उनके पैर बांधकर उल्टा लटकाया और तलवों व पीठ पर लाठियों-फट्टों से बेरहमी से वार किए। वहीं रिहाई व मुलाकात के दौरान दिग्विजय भाटी की आंख पर भारी सूजन और शरीर पर चोट के गंभीर निशान साफ नजर आए।
मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी खुद हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस का दावा है कि घर लौटते समय स्कूटी फिसलने की वजह से उन्हें ये चोटें आई हैं।
मेरठ में मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी के साथ पुलिस हिरासत में हुई बर्बरता कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल करने वाली हैं।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) August 21, 2026
पीड़ितों का आरोप है कि तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय ने दोनों को अपने कार्यालय बुलाकर गालियां दीं और चैंबर बंद कर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद… pic.twitter.com/g6PmBwMToj
वहीं समाजवादी पार्टी ने इसे खाकी का खुला अत्याचार करार दिया है। वहीं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी शासन-प्रशासन की तीखी आलोचना करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसान नेताओं का तो यह भी दावा है कि दिग्विजय भाटी प्रदर्शन की जगह मौजूद ही नहीं थे, फिर भी उन्हें बलि का बकरा बनाया गया।

