Jhansi में चरवाहा बना देवदूत वरना बुझ जाते 4 घरों के चिराग! रील बनाने के चक्कर में 2 छात्रों की मौत, सर्च ऑपरेशन जारी
punjabkesari.in Monday, Apr 06, 2026 - 03:24 PM (IST)
Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां माउंट लिट्रा स्कूल के 4 छात्रों के लिए रविवार की पिकनिक मातम में बदल गई। रक्सा थाना क्षेत्र के डोंगरी बांध पर नाव चलाने और रील बनाने के चक्कर में हुए हादसे में 2 छात्रों की जान चली गई। यह पूरी त्रासदी 'कोचिंग जाने' के एक छोटे से झूठ और सोशल मीडिया पर रील बनाने के शौक का नतीजा निकली।
कोचिंग का बहाना और नाव हाईजैक की रील
हादसे का शिकार हुए 4 दोस्त—श्रवण तिवारी, शौर्य, वेदांश और आतिफ मंसूरी—अपने घर से यह कहकर निकले थे कि वे कोचिंग जा रहे हैं। लेकिन वे सीधे डोंगरी बांध पहुंच गए। वहां उन्होंने बिना किसी को बताए किनारे खड़ी एक नाव ली और उसे लेकर गहरे पानी के बीच चले गए। डूबने से कुछ देर पहले का एक वीडियो (रील) भी सामने आया है, जिसमें छात्र वेदांश चश्मा पहनकर अपनी बहन को वीडियो भेज रहा है। वह आत्मविश्वास से कह रहा है कि हमने नाव हाईजैक कर ली है और पूरे डैम में घूम रहे हैं। उसने वीडियो में यह भी कहा कि उसे तैरना आता है और वह बच जाएगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
संतुलन बिगड़ा और चीख-पुकार मच गई
पानी के बीच रील बनाने और आपस में हंसी-मजाक करने के दौरान अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते नाव पलट गई और चारों छात्र गहरे पानी में डूबने लगे। उनकी चीख-पुकार सुनकर हड़कंप मच गया।
चरवाहा बना देवदूत, दो की बचाई जान
बांध के किनारे बकरियां चरा रहे कल्लू केवट नाम के चरवाहे ने जब छात्रों को डूबते देखा, तो उसने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। कल्लू तुरंत दूसरी नाव लेकर मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद श्रवण और शौर्य को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कल्लू ने सूझबूझ दिखाते हुए उनके शरीर से पानी निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, वेदांश और आतिफ तब तक गहरे पानी में समा चुके थे।
12 घंटे का सर्च ऑपरेशन, पसरा सन्नाटा
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। करीब 12 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद एक छात्र का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश अभी भी जारी है। वेदांश के नाना लाल दीवान यादव और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि कोचिंग जाने की बात कहकर निकला उनका बच्चा अब कभी वापस नहीं आएगा।

