गन्ना ₹30 महंगा, बिजली मुफ्त और खातों में 94,000 करोड़! CM योगी के ''महा-बजट'' ने किसानों की कर दी बल्ले-बल्ले, पढ़िए बड़े ऐलान
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 12:52 PM (IST)
UP Budget 2026–27: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में अपना 10वां और राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश करते हुए किसानों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। पिछले साल के मुकाबले बजट में 12.9% की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसका सीधा फायदा उत्तर प्रदेश के करोड़ों किसानों को मिलने वाला है।
गन्ना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी
सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि कर दी है। इस फैसले से किसानों की जेब में 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पैसा जाएगा। योगी सरकार के अब तक के कार्यकाल में रिकॉर्ड 3,04,321 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है, जो पिछले 22 सालों के कुल भुगतान से भी कहीं ज्यादा है।
बिजली बिल से आजादी और एग्री हब का तोहफा
- मुफ्त बिजली: खेतों की सिंचाई के लिए नलकूपों (Tubewells) पर मिलने वाली मुफ्त बिजली आपूर्ति को जारी रखा गया है, जिससे किसानों की खेती की लागत काफी कम हो गई है।
- किसान एग्री हब: लखनऊ के गोमतीनगर में एक आधुनिक 'किसान एग्री हब' बनाया जा रहा है, जहाँ किसानों को अपनी फसल का सही दाम और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी।
फसलों की रिकॉर्ड खरीदारी और भुगतान
सरकार ने गेहूं, धान और बाजरा उगाने वाले किसानों के खातों में डीबीटी (DBT) के जरिए भारी भरकम राशि भेजी है:
- गेहूं: रबी सीजन में 2,512 करोड़ रुपये का भुगतान।
- धान: खरीफ सीजन में 9,710 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान।
- बाजरा: 54 हजार से अधिक किसानों को 595 करोड़ रुपये दिए गए।
किसान सम्मान निधि: 94 हजार करोड़ सीधे खातों में
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दिसंबर 2025 तक यूपी के 3.12 करोड़ किसानों के खातों में 94,668 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी नकद हस्तांतरण योजनाओं में से एक है।
बीमा और कर्ज की राहत
- फसल बीमा: प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर अब तक 62 लाख किसानों को 5,110 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।
- फसली ऋण: साल 2025 में ही 15 लाख से ज्यादा किसानों को 10,257 करोड़ रुपये का फसली कर्ज बांटा गया है ताकि उन्हें खेती के लिए साहूकारों के चक्कर ना काटने पड़ें।

