बंदर ने काटा तो इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचा युवक, डॉक्टर को तंबाकू थूकते देख भड़का, फिर जो हुआ वो....
punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 01:19 PM (IST)
Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी रविवार को किसी अखाड़े में तब्दील हो गई। जहां बंदर के काटने का इलाज कराने आए एक मरीज और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के बीच ऐसी जुबानी जंग छिड़ी कि पुलिस बुलानी पड़ गई। आधे घंटे तक चले इस हंगामे ने अस्पताल के काम-काज को ठप कर दिया और मरीज ने डॉक्टर पर जो आरोप लगाए, उसने सबको हैरान कर दिया।
स्टेशन पर बंदर का हमला, अस्पताल में डॉक्टर से पंगा
राजस्थान के सीकर (खाटूश्याम) निवासी अशोक मीणा लखनऊ से लौटते समय इटावा जंक्शन पर उतरे थे। उन्हें राजस्थान के लिए ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन स्टेशन के बाहर एक बंदर ने उनके हाथ पर काट लिया। लहूलुहान हालत में अशोक दोपहर करीब 3 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे।
विवाद की जड़- तंबाकू और पीक
अशोक मीणा का आरोप है कि जब वह इलाज के लिए अंदर गए, तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर राहुल बाबू तंबाकू खाकर बार-बार थूक रहे थे। अशोक को डॉक्टर की यह हरकत नागवार गुजरी और उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए डॉक्टर को टोक दिया। बस फिर क्या था, बात इतनी बढ़ गई कि डॉक्टर साहब ने एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाने से ही साफ इनकार कर दिया।
'ये जहर का इंजेक्शन लगा देंगे'
गुस्साए मरीज ने तुरंत डायल 112 पर फोन कर पुलिस बुला ली। जब पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराना चाहा और अशोक से इंजेक्शन लगवाने को कहा, तो उसने एक चौंकाने वाला बयान दिया। अशोक ने चिल्लाते हुए कहा कि मैं इनसे इंजेक्शन नहीं लगवाऊंगा, ये मुझे जहर का इंजेक्शन भी लगा सकते हैं! इसके बाद वह पुलिसकर्मियों से भी भिड़ गया और दोबारा पुलिस को कॉल कर दी।
आधे घंटे तक बंधक रही इमरजेंसी
मरीज की जिद और डॉक्टर के अड़ियल रुख के बीच करीब 30 मिनट तक इमरजेंसी वार्ड में हंगामा चलता रहा। इस हाईवोल्टेज ड्रामे की वजह से वहां मौजूद अन्य गंभीर मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और अस्पताल प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी गई है।

