UPSC में चमके बरेली के 3 सितारे! मेहनत और सफलता से रचा इतिहास.... होनहारों की कहानी कर देगी भावुक
punjabkesari.in Sunday, Mar 08, 2026 - 12:47 PM (IST)
बरेली (जावेद खान) : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक नहीं तीन बड़ी और गर्व की खबरें सामने आई हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में जिले के तीन युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ा दिया है। बजरंग एन्क्लेव की रहने वाली सुरभि यादव ने देशभर में 14वीं रैंक, जबकि जीजीआईसी रोड के उत्कर्ष मिश्रा ने 337वीं और बहेड़ी क्षेत्र के रिछा कस्बे के मिनहाज शकील ने 513वीं रैंक हासिल कर सिविल सेवा में जगह बनाई है। तीनों की इस उपलब्धि से बरेली में खुशी और गर्व का माहौल है।
केंद्र सरकार के साथ काम कर रहीं सुरभि यादव
25 वर्षीय सुरभि यादव फिलहाल दिल्ली में केंद्र सरकार के “माय भारत” कार्यक्रम में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने जनवरी 2026 में यह पद संभाला था। बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखने वाली सुरभि ने 11वीं से ही मानविकी विषय चुना और दिल्ली से इतिहास ऑनर्स में स्नातक किया।

2024 में प्रीलिम्स तक नहीं हुआ था क्लियर
सिविल सेवा की तैयारी के लिए उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया के कोचिंग प्रोग्राम से मार्गदर्शन लिया। चौथे प्रयास में उन्हें यह शानदार सफलता मिली। सुरभि बताती हैं कि 2024 में उनका प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं हुआ था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं।
पिता भी पुलिस विभाग में तैनात
सुरभि के मुताबिक जैसे ही उन्होंने घर पर अपने चयन की खबर दी, उनकी मां खुशी से भावुक हो गईं। उनके पिता राकेश यादव वाराणसी में पुलिस विभाग में तैनात हैं। सुरभि का कहना है कि तैयारी के दौरान समय नहीं बल्कि लक्ष्य पर ध्यान देना सबसे जरूरी होता है।
19 लाख के पैकेज को ठुकरा UPSC को चुना
जीजीआईसी रोड स्थित होलिका मंदिर के पास रहने वाले उत्कर्ष मिश्रा ने यूपीएससी में 337वीं रैंक हासिल की है। यह उनका पांचवां प्रयास था। उन्होंने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में नौकरी की, जहां उन्हें करीब 19 लाख रुपये का सालाना पैकेज मिल रहा था। समाज के लिए सीधे काम करने की इच्छा ने उन्हें नौकरी छोड़ने का फैसला लेने के लिए प्रेरित किया। 2021 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। चार बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार पांचवें प्रयास में सफलता हासिल कर ली।

उत्कर्ष के पिता चंद्रेश कुमार मिश्रा कोचिंग चलाते हैं जबकि मां गृहिणी हैं। उनके भाई भी आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग कर चुके हैं और निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उत्कर्ष का कहना है कि मुख्य परीक्षा सबसे चुनौतीपूर्ण होती है क्योंकि इसमें उत्तर लेखन कौशल की बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने तैयारी का अधिकांश हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से किया।
UPSC पास कर IPS बनने का गौरव हासिल
चावल नगरी के नाम से मशहूर रिछा कस्बे के होनहार युवक मिनहाज शकील ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पास कर आईपीएस बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। परिजनों के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
बहेड़ी क्षेत्र के रिछा कस्बे के रहने वाले मिनहाज शकील ने भी यूपीएससी में 513वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनके पिता एडवोकेट शकील बहेड़ी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि रिछा कस्बे से सिविल सेवा में चयन पाने वाले मिनहाज पहले युवा हैं।

मिनहाज की शुरुआती पढ़ाई रिछा और बहेड़ी में हुई। बाद में उन्होंने अलीगढ़ और कोटा में पढ़ाई की और आगे चलकर आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने नौकरी के बजाय पूरी तरह सिविल सेवा की तैयारी पर ध्यान दिया और अब सफलता हासिल कर ली।
बरेली में जश्न का माहौल
तीनों युवाओं की सफलता से बरेली जिले में जश्न का माहौल है। परिवार, रिश्तेदारों और शिक्षकों ने उन्हें बधाइयां दी हैं। सामाजिक संगठनों ने भी इसे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है। सुरभि, उत्कर्ष और मिनहाज की यह सफलता दिखाती है कि मेहनत, धैर्य और स्पष्ट लक्ष्य के साथ किसी भी बड़े सपने को हासिल किया जा सकता है।

