बदायूं में आंबेडकर मूर्ति पर बवाल: पुलिस पर पथराव, SDM की गाड़ी टूटी... 8 गिरफ्तार
punjabkesari.in Thursday, Aug 27, 2026 - 08:35 AM (IST)
Badaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के राजा की सीकरी गांव में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की मूर्ति लगाने के प्रयास को लेकर हुई हिंसा के मामले में 2 मामले दर्ज करके 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी पुलिस सूत्रों ने दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मूर्ति लगाने को लेकर बीते मंगलवार को शुरू हुआ विवाद शाम को पुलिस और प्रशासन की टीम पर पथराव में तब्दील हो गया था, जिसमें 7 पुलिसकर्मी और एक ग्रामीण घायल हो गए और कई सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि पहली प्राथमिकी फैजगंज बेहटा के थानाध्यक्ष की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसमें 32 लोगों के नाम हैं और उसमें कई अज्ञात पुरुष और महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है जिनमें दंगा करने, लोक सेवकों को चोट पहुंचाने, सरकारी काम में बाधा डालने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हत्या की कोशिश करने के आरोप शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा आपराधिक विधि (संशोधन) अधिनियम की धारा सात के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि दूसरी प्राथमिकी गांव के प्रधान की शिकायत पर मान सिंह समेत 4 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह मामला गांव में मूर्ति लगाने की कोशिश करके ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा करने की कथित साजिश से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, दूसरे मामले में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 329(3) और 61(2) के साथ-साथ लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शर्मा ने बताया कि पथराव के दौरान बिसौली की उपजिलाधिकारी प्रियंका और पुलिस क्षेत्राधिकारी अंशुमान श्रीवास्तव की गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की अन्य गाड़ियों, पीएसी की एक गाड़ी और एक एम्बुलेंस को भी नुकसान पहुंचा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने रात भर छापेमारी की और 8 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं। यह घटनाक्रम सरकारी जमीन पर अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच हुए विवाद के बाद हुआ है। प्रशासन के अनुसार जमीन गांव के सामुदायिक खलिहान के तौर पर दर्ज है और बिना अनुमति के मूर्ति लगाने की कोशिश की गई थी।
पुलिस ने घटना के दौरान मूर्ति को नुकसान पहुंचाने के ग्रामीणों के आरोपों को पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद बताया है। पुलिस के मुताबिक मूर्ति को घटनास्थल पर लाया गया था और सोमवार देर रात उसे स्थापित करने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने बताया कि मूर्ति को सुरक्षित रूप से तहसील परिसर में रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है।

