स्वरूपानंद सरस्वती का बड़ा बयान- बाबर, हुमायूं और अकबर कभी नहीं गए अयोध्या, नहीं थी कोई मस्जिद

6/20/2019 2:36:01 PM

अयोध्याः अयोध्या में राम मंदिर का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर संत समाज सरकार से नाराज चल रहा है। इसी कड़ी में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि “अयोध्या में कोई बाबरी मस्जिद नहीं थी। बाबर कभी अयोध्या नहीं गया। हुमायूं भी उसकी चर्चा नहीं करता, आइने-अकबरी में भी उसकी कोई चर्चा नहीं है। यहां तक कि तुलसीदास जी भी नहीं कहते हैं कि वहां कोई मस्जिद थी। ऐसी स्थिति में यह भ्रांति पैदा कर दी गई कि हम लोग नहीं मानते कि वहां कोई मस्जिद थी।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त एक बात और है वहां ढांचा टूटने के पहले 14 कसौटी के खंभे थे, एक मंगल कलश बना हुआ था, हनुमान जी का एक चित्र था। वहां वजू करने का कोई कुआं नहीं था। साथ ही अजान करने की कोई मीनार भी नहीं थी। मस्जिद का कोई चिन्ह वहां नहीं था। विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने ही ढांचा तोड़कर यह भ्रांति फैलाई कि वहां मस्जिद रही होगी, नहीं तो हिंदू उसे क्यों तोड़ते।”

उन्होंने आरोप लगाया कि, “विहिप (विश्व हिंदू परिषद) ने इतना ही नहीं किया है, बल्कि विहिप ने राम चबूतरा भी तोड़ दिया है। शिव पंचायत तोड़ा है। इन्होंने भगवान की मूर्ति तोड़ी है। सीता-रसोई तोड़ी है। उसको एकदम सपाट (समतल) कर दिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि, “सुप्रीम कोर्ट हमारी बात नहीं काट सकता। क्या बाबर कभी वहां आया? बाबरी मस्जिद का कोई अस्तित्व नहीं है। भारत में मुस्लिमों से कोई बैर नहीं है।



 


Tamanna Bhardwaj