अंकित बालियान की हत्या में बड़ा खुलासा, हमलावरों ने पहले जुटाई थी पूरी जानकारी : DGP
punjabkesari.in Monday, Aug 31, 2026 - 07:35 PM (IST)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने सोमवार को कहा कि शामली में हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या पूर्व नियोजित साजिश थी, जिसमें हमलावरों ने उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई, बाहर से हथियार मंगवाए और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार होने की योजना बनाई। डीजीपी ने यहां पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता में कहा कि अब तक की जांच में 26 अगस्त को हुई बालियान की हत्या में गोगी गैंग से जुड़े नेटवर्क की संलिप्तता के संकेत मिले हैं।
कृष्ण ने कहा, ''जांच में सामने आया है कि हत्या से पहले अंकित बालियान की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई थी। यह भी पता चला है कि शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए और चार हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।'' उन्होंने बताया कि हत्या के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलते रहे। कृष्ण ने कहा कि घटना के बाद गठित पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और गुजरात एवं अन्य राज्यों तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे मारे।
डीजीपी के अनुसार खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने 29 अगस्त को कुछ आरोपियों की पहचान की जिनमें से दो--मोहित और सुमित, सोमवार तड़के शामली में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। उन्होंने कहा कि जांच में गोगी गैंग से जुड़े नेटवर्क की भूमिका भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया के नाम से कथित तौर पर संचालित एक इंस्टाग्राम अकाउंट ने 26-27 अगस्त को सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। डीजीपी ने कहा,''इस सोशल मीडिया पोस्ट और जिम्मेदारी के दावे की भी जांच की जा रही है।'' उन्होंने कहा कि हत्या की पृष्ठभूमि भी अहम है, जांच में 2021 में दिल्ली की रोहिणी अदालत में गोलीकांड में मारे गए गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी से जुड़े गैंगवार के तार का पता चला है। कृष्ण ने बताया कि बालियान ने एक लोकप्रिय यूट्यूब गाने में अभिनय किया था, जिसका कथित तौर पर गोगी की हत्या से संबंध जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गायक को पहले इस वीडियो को लेकर धमकियां भी मिली थीं जबकि उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन्होंने सिर्फ अभिनय किया है, गाने के बोल या धुन उनकी नहीं हैं। डीजीपी ने कहा, ''इसके बावजूद जांच में संकेत मिला है कि गैंग उन्हें गोगी गैंग से जोड़ रहा है। डीजीपी ने कहा कि जांच से संकेत मिलता है कि यह हत्या अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि "पूर्व नियोजित साजिश" थी, जिसके तहत शूटर जुटाए गए और हत्या के बाद उनके फरार होने की योजना बनाई गई थी। कृष्ण ने कहा, ''हमारा उद्देश्य सिर्फ शूटरों तक पहुंचना नहीं है। जिन्होंने साजिश रची, संसाधन और हथियार उपलब्ध कराए, पीड़ित की गतिविधियों पर नजर रखवाई और आरोपियों को संरक्षण दिया..., पूरी श्रृंखला को कानून के दायरे में लाया जाएगा।'' बालियान की 26 अगस्त को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह शामली में जिम से निकलकर अपनी कार की ओर जा रहा था। पुलिस ने पहले बताया था कि दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार हमलावरों ने उनपर गोलियां चलाईं।
पोस्टमार्टम में सिर में दो सहित पांच गोली लगने के निशान मिले। डीजीपी ने बताया कि उन्होंने सोमवार के अभियान में शामिल शामली पुलिस और एसटीएफ कर्मियों के लिए दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। कृष्ण ने कहा, ''मैं मीडिया के माध्यम से भरोसा दिलाता हूं कि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होगी। इस अपराध में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी ने कहा कि हरियाणा और दिल्ली पुलिस के साथ "अच्छे तालमेल और सहयोग" से जांच की गई, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस को मामले को सुलझाने और कम समय में कार्रवाई करने में मदद मिली। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस हत्या को 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' माना जा सकता है, जिसे गोगी गैंग के सदस्यों ने अंजाम दिया हो (जबकि गैंग के सरगना की मौत चार साल पहले ही हो चुकी थी), तो कृष्ण ने कहा कि गैंग की कमान अब दूसरे लोगों ने संभाल ली है और इसे अब भी मारे गए गैंगस्टर के नाम पर ही चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश को किसी गिरोह या अपराधी का ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा। एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा कि केंद्र सरकार की एजेंसियों और दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर जांच में सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

