''हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं और उसका जूता बनाना''... चंद्रशेखर की रैली में बड़ी सुरक्षा चूक, पिस्टल लेकर मंच की ओर बढ़ा संदिग्ध सिपाही
punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 10:56 AM (IST)
Barabanki News: नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रावण की रविवार को बाराबंकी के बडेल मैदान में आयोजित जनसभा में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक हथियारबंद संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच की ओर बढ़ने लगा। करणी सेना के कड़े विरोध और धमकियों के बीच हुई इस रैली में हजारों की भीड़ जुटी थी, लेकिन सुरक्षा में हुई इस चूक ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए।
कमर में पिस्टल, सादे कपड़े और फर्जी सिपाही का दावा
रैली के दौरान अमित नाम का एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मंच की तरफ जाने की कोशिश कर रहा था। जब तैनात सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं ने उसे रोका और तलाशी ली, तो उसकी कमर में पिस्तौल देखकर सबके होश उड़ गए। पकड़े जाने पर युवक ने दावा किया कि वह पुलिस लाइन में तैनात सिपाही है और उसकी ड्यूटी लगी है। लेकिन जब उससे पहचान पत्र (ID Card) मांगा गया, तो वह कुछ भी नहीं दिखा सका। सादे कपड़ों में हथियार के साथ मंच तक पहुंचने की इस कोशिश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
'धमकियों से नहीं डरते, चमड़ा उतारना भी जानते हैं'
करणी सेना द्वारा बाराबंकी की धरती पर कदम न रखने देने की धमकी पर चंद्रशेखर आजाद ने मंच से दहाड़ते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हम संघर्ष करने वाले लोग हैं, धमकियों से नहीं डरते। हम संवैधानिक लोग हैं, लेकिन अगर बात सम्मान पर आई तो हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं और उसका जूता बनाना भी। समय आने पर उसे सिर पर पटकना भी हमें आता है।
2027 का चुनावी बिगुल और विपक्ष पर वार
चंद्रशेखर ने इस रैली के जरिए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए हुंकार भरी। उन्होंने नगीना की जीत का हवाला देते हुए कहा कि अब पूरे यूपी में इतिहास दोहराया जाएगा। उन्होंने सपा और भाजपा दोनों को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज जो पार्टियां कांशीराम साहब को अपना बता रही हैं, उन्हें 20 साल तक उनकी याद क्यों नहीं आई? उन्होंने अयातुल्ला खामेनेई का जिक्र करते हुए साफ किया कि वे जुल्म के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

