बहन की सलामती के लिए भाई ने सीएम योगी और अखिलेश यादव को खून से लिखा पत्र

7/2/2020 1:37:24 PM

आजमगढ़: आजमगढ़ जिले का रहने वाला एक छात्र अपनी बहन की सलामती के लिए दर-दर भटक रहा है लेकिन उसकी एक नहीं सुनी जा रही है। दरअसल उसकी बहन की किडनी खराब हो गई है जिसे डॉक्टर भर्ती करने को तैयार नहीं हैं। जिसके बाद भाई अपनी बहन की सलामती के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आजमगढ़ के सांसद व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने खून से पत्र लिखकर बहन का बेहतर इलाज की मांग की है। अब देखना होगा कि रक्षा बंधन से पहले बहन के लिए भाई का संकल्प कैसे पूरा होगा।

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आज़मगढ़ जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव निवासी छात्र नेता लालजीत यादव छात्रों की आवाज हमेशा बुलंद करता है और छात्रों की लड़ाई को लडऩे का काम करता है। लेकिन आज यह छात्र नेता अपनी ही लड़ाई लडऩे के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। कारण लालजीत की बहन सुनीता देवी की लगभग 85 प्रतिशत किडनी खराब हो गयी है। डॉक्टर भी इलाज करने से इंकार कर दिए हैं। बहन को मौत की तरफ जाते देख लालजीत इलाज के लिए कई अस्पतालों का चक्कर लगा चुका है लेकिन कोरोना की वजह से कोई भी डॉक्टर उसको भर्ती करने को तैयार नहीं हुआ। जिसके बाद दर-दर भटक रहे लालजीत को जब कुछ नहीं सुझा तो उसने रक्षा बंधन पर बहन की सुरक्षा की कसम को पूरा करने और अपनी बहन की जि़ंदगी बचाने के लिए अपने खून से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है।

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आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार 
लालजी की बहन सुनीता की शादी साल 2003 में बिलरियगंज थाना क्षेत्र के के देवा विंदवल गांव निवासी रामप्रताप यादव के साथ हुई है। वह दो बच्चों की मां है। पति बेरोजगार है और घर पर ही रहता है। आर्थिक तंगी के चलते परिवार किसी तरह से अपना दिन काट रहा है। बची खुची रकम सुनीता के इलाज में खर्च हो चुकी है। ऐसे में आगे इलाज कराने में परिवार अक्षम है। बहन को जि़न्दगी और मौत से जूझता देख लालजी को राखी की वो कसम याद आ गयी। जब भाई अपनी बहन से रक्षा बंधवाता है और उसकी रक्षा करने का संकल्प लेता है। अपनी बहन को बचाने के लिए लालजी ने संकल्प लिया और काफी प्रयास किया कि बहन को किसी अच्छे हॉस्पिटल में दाखिला मिल जाये और उसका समुचित इलाज हो सके लेकिन कोरोना के चलते जब कोई भी डॉक्टर उसे भर्ती लेने से मना कर दिया तब मजबूर होकर भाई ने अपनी बहन की जि़ंदगी बचाने के लिए पत्र लिखा।


Ajay kumar

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