CM योगी बोले- बकरीद, श्रावण मास, कांवड़ यात्रा सहित आगामी त्योहारों के मद्देनजर रहना होगा सतर्क

punjabkesari.in Thursday, Jul 07, 2022 - 10:52 AM (IST)

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि बकरीद, श्रावण मास, कांवड़ यात्रा सहित आगामी पर्वों एवं त्योहारों के दृष्टिगत सतत सतर्क-सावधान रहना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने' की नीति के साथ पेश आएं एवं माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए। उन्होंने आगामी त्योहार बकरीद पर कुर्बानी के लिए पहले से स्थान के चिन्हांकन पर जोर देते हुए कहा कि तय स्थान के अतिरिक्त कहीं और खासकर विवादित जगहों पर कुर्बानी नहीं होनी चाहिए तथा प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी प्रतिबन्धित पशु की कुर्बानी न हो।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को यहां अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी जोनल पुलिस महानिरीक्षकों, मण्डलायुक्तों, पुलिस कमिश्नरों के साथ बकरीद, नाग पंचमी, रक्षा बंधन , श्रावण मास, कांवड़ यात्रा आदि के दृष्टिगत कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में समीक्षा की। एक सरकारी बयान के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों से बकरीद, श्रावण मास, कांवड़ यात्रा सहित आगामी पर्वों व त्योहारों के दृष्टिगत तैयारियों, कार्ययोजना एवं व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘ विगत दिनों रमजान माह में अलविदा की नमाज़ और ईद के अवसर पर धार्मिक कार्यों से यातायात प्रभावित नहीं हुआ। कई जनपदों में स्थान का अभाव होने पर बेहतर समन्वय के साथ पालियों में नमाज़ अदा हुई। इस प्रयास की पूरे देश में सराहना हुई है। इस बार बकरीद के मौके पर हमें यही व्यवस्था लागू रखनी होगी। पीस कमेटी की बैठक कर लें, मीडिया का सहयोग लें, ताकि शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे।''

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ ‘बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने' की नीति के साथ पेश आएं एवं माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए क्योंकि ऐसे लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि पर्व-त्योहार में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं , धार्मिक परम्परा/आस्था को सम्मान किया जाए, किन्तु नई परम्परा न शुरू हो। मुख्यमंत्री ने कहा ,‘‘ कावंड़ यात्रा आस्था के साथ उत्साह का आयोजन है। परम्परागत रूप से नृत्य, गीत, संगीत इसका हिस्सा रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं का उत्पीड़न न किया जाए। यह सुनिश्चित करें कि डीजे, गीत-संगीत आदि की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो और इसमें केवल धार्मिक गीत व भजन ही बजाए जाएं।

धार्मिक यात्राओं/जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हो।'' आदित्यनाथ ने कहा कि यह सुनिश्चित की जाए कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस आदि का खरीद-बिक्री न हो एवं स्ट्रीट लाइट की सुविधा हो। उनका कहना था कि चूंकि गर्मी तेज है, ऐसे में मार्ग में पीने के पानी की व्यवस्था भी कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ कांवड़ यात्रा की दृष्टि से गाजियाबाद-हरिद्वार मार्ग पर सर्वाधिक व्यस्त रहता है। यहां दूसरे राज्यों के श्रद्धालु भी आते हैं। अतः सीमावर्ती राज्यों से भी संवाद बनाएं। इसके साथ-साथ अन्य यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यातायात मार्ग में बदलाव भी किया जाना चहिए।''


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Content Writer

Tamanna Bhardwaj

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