मनोज बाजपेयी की फिल्म से मचा तूफान! ''घूसखोर पंडत'' पर पुलिस एक्शन, रिलीज से पहले लखनऊ में डायरेक्टर के खिलाफ FIR
punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 09:51 AM (IST)
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की आने वाली फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म के खिलाफ हजरतगंज पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का नाम और कंटेंट जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है और सामाजिक शांति भंग होने का खतरा है।
ट्रेलर और टीजर के बाद बढ़ा विवाद
हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह के मुताबिक, फिल्म का ट्रेलर और टीजर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को कई शिकायतें मिलीं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि फिल्म का शीर्षक ‘घूसखोर पंडत’ ब्राह्मण समुदाय को अपमानित करता है। उनका आरोप है कि 'पंडत/पंडित' शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़कर एक खास जाति को गलत तरीके से दिखाया गया है, जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है।
कानूनी धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता और संबंधित ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी के अनुसार, ट्रेलर के कुछ हिस्सों और फिल्म के नाम को लेकर उठी आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया है। अब पुलिस सबूत इकट्ठा कर रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
क्राइम-थ्रिलर है फिल्म
बताया जा रहा है कि फिल्म में अभिनेता मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं। यह एक क्राइम-थ्रिलर फिल्म है, जिसमें एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की कहानी दिखाई गई है, जिसे 'पंडत' उपनाम से जाना जाता है। नेटफ्लिक्स ने हाल ही में 2026 की अपनी फिल्मों की सूची में इसका टीजर जारी किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया।
कई शहरों में विरोध
इस फिल्म को लेकर मेरठ, वाराणसी, मथुरा और उज्जैन जैसे शहरों में भी विरोध और कानूनी नोटिस की खबरें सामने आई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में भी फिल्म की रिलीज रोकने की मांग वाली याचिका दाखिल की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
निर्माताओं की ओर से अभी प्रतिक्रिया नहीं
अब तक फिल्म के निर्माताओं या नेटफ्लिक्स की ओर से इस एफआईआर को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

