UP में गहराया कोरोना संकटः  34379 नए मरीजों के साथ 195 की मौत​​​​​​​

4/22/2021 8:31:05 PM

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 संक्रमित 195 लोगों की मौत हो गई तथा 34379 नए मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई। यह दोनों ही आंकड़े अब तक के सर्वाधिक हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कोविड-19 संक्रमित 195 और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ राज्य में इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10,541 हो गई है।

उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में 34,379 नए मरीजों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसी अवधि में 16,514 मरीज ठीक भी हुए हैं। प्रदेश में एक दिन में कोविड-19 संक्रमित मरीजों की मौतों और नए रोगियों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले बुधवार को 187 मरीजों की मौत हुई थी तथा 33214 नए रोगियों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि की गई थी।

प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में इस वक्त 2,59,810 कोविड-19 संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि योगी ने बैठक में कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की आवश्यकता जताई गई है। स्वास्थ्य विभाग आज ही संबंधित जिलों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए। इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग लिया जा सकता है। योगी ने कहा कि कोविड संक्रमित मरीजों के परिजनों के साथ यथोचित सम्मान के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतिम संस्कार की क्रिया कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप पूरे सम्मान के साथ संपन्न करायी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश को बहुत जल्द रेमडेसिविर की सवा लाख शीशी प्राप्त हो जाएंगी। इससे प्रदेश में रेमडेसिविर की आपूर्ति और व्यवस्थित हो जाएगी। औषधि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सभी जीवनरक्षक दवाओं की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन सुनिश्चित करे। इन आवश्यक दवाओं की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए।

योगी ने सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऑक्सीजन रीफिल केंद्रों पर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की जाए। ऑक्सीजन टैंकरों को जीपीएस से जोड़ा जाए तथा प्लांट पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। हर ऑक्सीजन टैंकर के साथ सुरक्षा के जरूरी इंतज़ाम किए जाएं।


 

 

 

 

 

 

 

 

 


Content Writer

Moulshree Tripathi

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