भावावेश में आकर कोई फैसला न करें, बुरे दिन जानेवाले हैं- IAS रिंकू सिंह राही के इस्तीफे पर बोले अखिलेश
punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 01:49 PM (IST)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्टकर योगी सरकार पर हमला बोला है। यादव ने कहा कुशल अधिकारियों की भाजपा सरकार में कोई अहमियत नहीं है। भाजपा में तो उनकी पूछ है जिनकी चोरी के पैसों की ही चोरी हो जाती है या जो निवेश तक में 5% का प्रवेश शुल्क वसूल लेते हैं।
भावावेश में आकर कोई फ़ैसला न करें, बुरे दिन जानेवाले हैं
हर अच्छे अधिकारी से हमारी माँग है कि भावावेश में आकर कोई फ़ैसला न करें, बुरे दिन जानेवाले हैं। पीडीए सरकार आएगी और सबको उचित मान-सम्मान-स्थान देगी क्योंकि पीडीए की सरकार जनता की सरकार होगी, जो समस्याओं के समाधान व असमानताओं को दूर करने के लिए सच में विकास के काम करेगी।
बेहतरीन ऑफ़िसर्स की ज़रूरत पड़ती
क्वॉलिटी वर्क और तय समय सीमा के अंदर काम को पूरा करने के लिए हमेशा ही बेहतरीन ऑफ़िसर्स की ज़रूरत पड़ती है। अपने काम में पारंगत अधिकारियों की हमने हमेशा क़द्र की है और आगे भी करेंगे। पीड़ित अधिकारी हो या कर्मचारी सभी भाजपा को हटाने के लिए पीडीए के साथ हैं। ’पीड़ा’ बढ़ रही है, इसीलिए ‘पीडीए’ बढ़ रहा है क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’। आप को बता दें कि आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से उन्हें कोई जिम्मेदारीपूर्ण पोस्टिंग नहीं दी जा रही थी और न ही कोई सार्थक काम सौंपा जा रहा था। अपने इस्तीफे में राही ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद से संबद्ध थे, लेकिन वहां उन्हें केवल वेतन मिल रहा था, जनसेवा का कोई अवसर नहीं।
बिना काम के पद पर बने रहना सिद्धांतों के खिलाफ
उन्होंने इसे अपना 'नैतिक निर्णय' बताते हुए कहा कि बिना काम के पद पर बने रहना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है। राही ने अपने पत्र में दावा किया कि प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर एक समानांतर तंत्र काम कर रहा है, जिसमें ईमानदार अधिकारियों को प्रभावी भूमिका नहीं दी जाती। उनका कहना है कि वे पूरी ईमानदारी से काम करना चाहते थे, लेकिन उन्हें अवसर नहीं दिया गया।
रिंकू सिंह राही को लगी थी सात गोलियां
रिंकू सिंह राही की कहानी लंबे संघर्ष से जुड़ी रही है। वर्ष 2009 में उन्होंने एक बड़े घोटाले का खुलासा किया था, जिसके बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ और उन्हें सात गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। बाद में दिव्यांग कोटे से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर 2022 बैच में आईएएस बने। उनकी पहली नियुक्ति शाहजहांपुर की पौवायन तहसील में एसडीएम के रूप में हुई थी।
क्लर्क को उठक-बैठक करा कर सुर्खियों में आए थे रिंकू सिंह राही
कार्यभार संभालते ही उन्होंने सफाई व्यवस्था में कमी पर एक क्लकर् को उठक-बैठक कराई। इस पर वकीलों ने विरोध किया तो उन्होंने खुद भी कान पकड़कर उठक-बैठक की। इसका वीडियो वायरल हुआ और महज 36 घंटे के भीतर उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद उन्हें लखनऊ स्थित राजस्व परिषद से जोड़ दिया गया, जहां से उन्हें कोई सक्रिय जिम्मेदारी नहीं मिली।

