दुबई कनेक्शन: पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार, ATS को सौंपी जांच
punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 07:31 PM (IST)
बिजनौर: दुबई में बैठे पाकिस्तानी आका के संपर्क में होने के आरोप में बिजनौर से गिरफ्तार किए गए दो संदिग्धों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह हैंडलर सोशल मीडिया के माध्यम से देश के भीतर नेटवर्क को विस्तार दे रहा है।
नजीबाबाद के पुलिस क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने शनिवार को कहा कि 23 नवंबर को वायरल हुए एक इंस्टाग्राम वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने बिजनौर में उवैद मलिक और जलाल हैदर को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इस वीडियो में आकिब नामक व्यक्ति एक एके-47 राइफल और एक हैंड ग्रेनेड दिखाते नजर आ रहा है। इस वीडियो की जांच से पता चला कि उवैद और जलाल ने सोशल मीडिया के जरिए सऊदी अरब में रहने वाले आकिब और दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले मैजुल के साथ संपर्क स्थापित किया था।
चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों (उवैद और जलाल) तीन साल पहले सूरत में काम करने के दौरान उनके (अकीब और मैजुल) संपर्क में आए। पुलिस पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि आकिब इंस्टाग्राम पर कट्टरपंथी और भड़काऊ विचार प्रसारित करता था। अधिकारी ने बताया कि उन्होंने हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की बात कही और दूसरों को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और वाहनों में आग लगाने के लिए उकसाया।
उन्होंने बताया कि आकिब भविष्य में बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए देश के भीतर भारत विरोधी नेटवर्क स्थापित करने की बात करता था। पुलिस ने कहा कि शुक्रवार को, दुबई में स्थित पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर के संपर्क में रहने के आरोप में दो लोगों को बिजनौर जिले में गिरफ्तार किया गया था। चतुर्वेदी ने शुक्रवार को कहा था कि उवैद मलिक और जलाल हैदर को वर्तमान में दुबई में रह रहे मेरठ निवासी आकिब के साथ उनके कथित संबंधों के इनपुट के बाद गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, आकिब इससे पहले इंस्टाग्राम पर एक वीडियो सामने आने के बाद सुर्खियों में आया था, जिसमें कथित तौर पर उसे एके-47 राइफल और विस्फोटक प्रदर्शित करते दिखाया गया था। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार लोगों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि आकिब युवाओं को हिंदुओं के खिलाफ भड़काता था और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को प्रोत्साहित करता था। पुलिस ने कहा कि ताजा घटनाक्रम से अब आकिब के संदिग्ध संबंधों का पता चला है और जांच आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को सौंप दी गई है।

