स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए: योगी
punjabkesari.in Wednesday, May 27, 2026 - 04:04 PM (IST)
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभागों की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का लाभ सीधे आम आदमी को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर होनी चाहिए। साथ ही, मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर मानव संसाधन और प्रभावी प्रबंधन से सशक्त बनाया जाए।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल संस्थान बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश को प्रशिक्षित चिकित्सक, विशेषज्ञ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध कराना है। उन्होंने मेडिकल संस्थानों में आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ संकाय और रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 जनपदीय चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं।
वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी सेवाएं और 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं दी गईं, जबकि 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं। वर्ष 2016-17 की तुलना में सत्र 2025-26 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है, जो 88.6 प्रतिशत की वृद्धि है। विगत 10 वर्षों में पीजी सीटों की संख्या 1344 से बढ़कर 5067 हो गई है, जबकि एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12800 तक पहुंच गई हैं। सुपर स्पेशियलिटी सीटों में भी लगभग 165 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 75 जिलों में डायलिसिस सेवा और 74 जिलों में सीटी स्कैन सेवा उपलब्ध है।

