कानपुर में एक्सपायर्ड चॉकलेट की लूट: डंपिंग साइट पर टूट पड़ी भीड़, बोरे-थैले भरकर घर ले गए लोग (VIDEO)
punjabkesari.in Tuesday, Aug 25, 2026 - 12:51 PM (IST)
Kanpur News: जिले के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया से एक बेहद हैरान और सतर्क कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां डंपिंग साइट के पास किसी फैक्ट्री संचालक द्वारा फेंकी गई एक्सपायर्ड चॉकलेट्स और टॉफियों को बटोरने के लिए लोगों की भारी भीड़ टूट पड़ी। जिसे जो मिला, वह उसी में खाद्य सामग्री भरने लगा कोई बोरे, कोई थैले, तो कोई डिब्बे लेकर मौके पर पहुंच गया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने न सिर्फ लोगों की सेहत, बल्कि एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों के निस्तारण को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
यूपी : कानपुर में किसी ने एक्सपायरी चॉकलेट, टॉफी, बिस्किट के डिब्बे कूड़े के ढेर पर फेंक दिए। लोग उन्हें भी उठाकर ले गए। pic.twitter.com/Hd8vfZVixg
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 25, 2026
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित डंपिंग साइट के पास किसी व्यापारी ने भारी मात्रा में खराब और बिक्री के अनुपयुक्त हो चुकी चॉकलेट्स-टॉफियां खुले में फिंकवा दी थीं। जैसे ही आसपास के लोगों और राहगीरों की नजर इस पर पड़ी, वहां लूट जैसी स्थिति बन गई। देखते ही देखते दर्जनों लोग एकत्र हो गए और जमीन पर बिखरी खाद्य सामग्री उठाने लगे। कुछ ही देर में लोग बोरियों में सामान भरकर अपने-अपने घरों की तरफ रवाना हो गए। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि लोग इसे खुद खाने के लिए ले गए हैं या फिर इसे बाजार में छोटे-मोटे ठेलों पर बेचने की नीयत से ले जाया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस तरह खुले में पड़ी एक्सपायर्ड सामग्री के सेवन को बेहद घातक बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से पड़ी या धूप-धूल में खराब हो चुकी खाद्य सामग्री खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट में इन्फेक्शन और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। खासकर बच्चों के लिए यह जहर के समान साबित हो सकती है।
नियमों के मुताबिक, किसी भी खाद्य निर्माण इकाई या व्यापारी को एक्सपायर्ड माल का निस्तारण एक निर्धारित सुरक्षित प्रक्रिया के तहत ही करना होता है। इस तरह खुले में खाद्य सामग्री फेंकना ताकि कोई उसे उठाकर इस्तेमाल कर सके, पूरी तरह गैरकानूनी है। मामले में फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) या स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटिया और खतरनाक माल किस फैक्ट्री का था और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

