व्यापारी को झूठे केस में फंसाकर वसूले 2 लाख, CCTV और वॉइस रिकॉर्डिंग ने खोली पोल... 4 सिपाही बर्खास्त
punjabkesari.in Tuesday, Oct 06, 2026 - 05:06 PM (IST)
Shahjahanpur News: उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के थाना जलालाबाद क्षेत्र के सररफा कारोबारी को मादक पदार्थों की तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 2 लाख रुपए वसूलने के आरोप में तिलहर थाने में तैनात 4 सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने मंगलवार को बताया कि जलालाबाद निवासी सुंदरम क्षत्रिय से 4 सितंबर की रात थाना तिलहर में तैनात 4 पुलिस कर्मियों ने मोबाइल फोन पर संपर्क किया और उसे परशुरामपुरी क्षेत्र के सरैया मोड़ पर बुलाया। वहां सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मी उसे मोटरसाइकिल समेत भटादेवर रोड की ओर ले गए और राजभोज होटल से आगे एक सुनसान स्थान पर उसकी तलाशी ली।
व्यापारी ने आरोप लगाया था कि उसकी मोटर साइकिल में एक पॉलिथीन रखकर उसे मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में बिरियागंज पुलिस चौकी ले जाया गया। जहां मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ति करने के साथ ही झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी गई। इसके बाद उसके पिता और परिजनों से 2 लाख रुपए की मांग की गई। परिजनों द्वारा 2 लाख रुपए देने पर चारों पुलिस कर्मियों ने वादी सुन्दरम क्षत्रिय को रात में छोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि 6 सितंबर को जलालाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि तिलहर थाने में तैनात 4 सिपाही वीरेंद्र कुमार, पंकज कुमार, अरुण कुमार और तुषार वर्मा उसे जलालाबाद से पकड़कर ले गए और तिलहर क्षेत्र की एक पुलिस चौकी में प्रताड़ित किया। जिसकी जांच क्षेत्राधिकारी जलालाबाद और तिलहर से कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर चारों सिपाहियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया था। इनमें पंकज कुमार और वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया, जबकि अरुण कुमार और तुषार वर्मा फरार हो गए।
सौरभ दीक्षित ने बताया कि जांच के दौरान चारों पुलिसकर्मियों को अपना पक्ष रखने के लिए जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का अवसर दिया गया तथा उनके आवास पर भी नोटिस भेजे गए, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। जांच अधिकारी ने वॉयस रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की, जिसमें चारों पुलिसकर्मियों की धन उगाही में संलिप्तता की पुष्टि हुई। इसके बाद चारों को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

