असम बाढ़ पीडितों की मदद करते शहीद हुआ झांसी का लाल: शव गांव पहुंचने पर कांपते हाथों से पत्नी-बेटे ने सैल्यूट कर दी अंतिम विदाई

punjabkesari.in Sunday, Jul 03, 2022 - 09:28 PM (IST)

झांसी: असम में बाढ़ पीड़ितों की मदद करते शहीद हुए एसएसबी के जवान झांसी निवासी बृजेंद्र सिंह का शव रविवार को जनपद लाया गया जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ बड़ी संख्या में मौजूद लोगों की उपस्थिति में उन्हें अंतिम विदाई दी गयी। भारत माता के जयकारों से इलाका गूंज उठा, पत्नी-बेटे ने पिता को कांपते हाथों से सैल्यूट किया। आशुओं की बहती धारा और कांपती जुबान से कहा कि, आप बहुत याद आओगे।              

शहीद का शव रविवार को झांसी में सकरार उनके पैतृक स्थान लाया गया तो बड़ी संख्या में लोग वीर शहीद की अंतिम झलक पाने और श्रद्धासुमन अर्पित करने उमड़ पडे। अंतिम संस्कार से पहले सीमा सुरक्षा बल के जवानों और उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गयी। बृजेंद्र सिंह गौर एसएसबी में 34वीं बटालियन में तैनात थे और उनकी बटालियन को असम में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए लगया गया था। इसी काम के दौरान लोगों की मदद करते हुए भूटान से आये पानी के तेज बहाव में बटालियन के 12 जवान बह गये जिसमें बृजेंद्र भी शामिल थे। उनके शहीद होने का समाचार मिलते ही उनके पैतृक गांव और आस पास के क्षेत्र में लोगो के बीच शोक की लहर दौड़ गयी।       

आज शहीद की अंत्येष्टि में एसडीएम मऊरानीपुर मृत्युंजय मिश्रा, क्षेत्राधिकारी विवेक सिंह सहित समस्त पुलिस बल सहित मऊरानीपुर विधायक प्रतिनिधि जयप्रकाश आर्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के साथ हजारों लोगों ने वीर शहीद को नम आंखों ने अंतिम विदाई दी। इस मौके पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वीरों की धरती बुन्देलखंड के लाल बृजेन्द सिंह ने अपने कर्तव्य का निर्वाह करते हुए शहादत दी। असम में जब लोग बाढ़ से जूझ रहे थे तब बुंदेलखंड के लाल बृजेंद्र ने सबकी मदद करते हुए वीरगति प्राप्त की। उन्होंने वीरों की इस भूमि का नाम और भी रोशन किया है।       

उन्होनें शहीद बृजेन्द सिंह की प्रतिमा सकरार में लगाये जाने की शासन-प्रशासन से मांग की। साथ ही कहा कि यदि प्रशासन नहीं लगवायेगा तो वह स्वंय के प्रयास से शहीद की प्रतिमा स्थापित कराएंगे।


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Content Writer

Mamta Yadav

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