Kushinagar: गंडक नदी में पानी का बहाव अधिक होने से एपी बांध पर दबाव बरकरार, कटान का खतरा

punjabkesari.in Monday, Jul 12, 2021 - 07:02 PM (IST)

कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी में पानी का बहाव लगातार दो लाख क्यूसेक के आसपास बने रहने से एपी बांध पर दबाव बरकरार है। इसके साथ ही कटान का खतरा भी बना हुआ है। निर्माणाधीन कई परियोजनाएं नदी के पानी में डूबी हुई हैं। इसके चलते बचाव कार्य भी नहीं हो पा रहा है।      

आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि एपी बांध और नरवाजोत बांध की सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने जनवरी-फरवरी में ही लगभग 53 करोड़ के लागत की पांच परियोजनाओं की मंजूरी दे दी थी। मार्च में सभी परियोजनाओं पर बाढ़खंड विभाग की ओर से कार्य प्रारंभ करा दिया गया था, लेकिन 16 जून को अप्रत्याशित रूप से बाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में अचानक चार लाख बारह हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने से पूरा बांध खतरे की जद में आ गया था। इसके चलते सभी परियोजनाओं का कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। यही नहीं बीच बीच में कई बार तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी का बहाव होता रहा और पिछले कई दिनों से पानी का बहाव दो लाख क्यूसेक के आसपास बना हुआ है। इस वजह से पूरे बांध पर नदी का दबाव व कटान का खतरा बना हुआ है।       

नदी का सर्वाधिक दबाव बाकखास और नोनियापट्टी में किलोमीटर 11.500 से किलोमीटर 13.000 के बीच बना हुआ है, जहां कई बार न केवल बचाव कार्य का हिस्सा धंस चुका है, बल्कि किलोमीटर 12.860 पर बने ठोकर को नदी अपना निशाना बना चुकी है। यही कारण है कि नदी के इस रुख से बांध के किनारे बसे गांवों के लोग सहमे हुए हैं। बांध के किनारे बसे दीनानाथ सिंह, संजय सिंह, पप्पू सिंह, जेपी निषाद, बृजकिशोर साहनी, प्रभुनाथ यादव ने चिंता जताई है। रविवार को जेई चंद्रप्रकाश, रमेशधर दूबे, सुनील कुमार यादव, संजय कुमार मौर्य, राकेश कुमार और राजेश कुमार सिंह की टीम पूरे बांध की चौकसी में लगी रही।      

बाढ़खंड तृतीय के एसडीओ एसके प्रियदर्शी ने बताया कि बांध पर दबाव के चलते चौकसी बढ़ा दी गई है। फिलहाल बांध को कोई खतरा नहीं है। इस बीच गोलाघाट स्थित बांसी नदी के किनारे एक बिजली का खंभा रविवार को कटान की जद में आ गया। हालांकि खतरे को भांपते हुए गांववालों ने मिट्टी से भरी बोरियां बिजली के खंभे के नीचे रख दी हैं। यदि पोल कटता है तो बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।  राजपुर बगहा शिवमंदिर चौराहे से राजपुर खास, गोला घाट होते हुए बांसी नदी पार जोगनी सहित अन्य गांवों में विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली के खंभे लगाए गए हैं। इनमें एक खंभा गोलाघाट के पास बांसी नदी के किनारे लगाया गया है, लेकिन इस समय बांसी नदी में पानी अधिक होने के कारण नदी किनारों पर कटान कर रही है। इससे बिजली का एक खंभा रविवार को कटान के जद आ गया। हालांकि इसकी जानकारी होने पर किसी अनहोनी की आशंका को भांपते हुए ग्राम सभा के प्रधान रामाजी निषाद, सरल शर्मा, विपिन यादव सहित अन्य लोगों ने खंभे के नीचे मिट्टी से भरी बोरियों से उसे बचाने का प्रयास किया है।


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Content Writer

Umakant yadav

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