Makar Sankranti: कड़ाके की ठंड पर भारी पड़ रही आस्था, काशी के घाटों पर श्रद्धालु लगा रहे डुबकी; गूंज रहे ‘हर-हर महादेव'' के जयकारे
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 03:15 PM (IST)
वाराणसी: धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी काशी में कड़ाके की ठंड के बावजूद गुरुवार को मकर संक्रांति महापर्व पर गंगा घाटों पर श्रद्धालु भोर से ही आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। काशी के प्रमुख घाटों-दशाश्वमेध, शीतला, राजेंद्र प्रसाद, दरभंगा, शिवाला, राणा महल, अस्सी, भदैनी, रविदास घाट सहित अन्य घाटों पर भी लोग स्नान-दान कर रहे हैं। वहीं, बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है और पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव' के उद्घोष से गूंज रहा है।
'सूर्यदेव की आराधना का प्रमुख पर्व है ये'
बटुक भैरव मंदिर के महंत एवं ज्योतिषाचार्य जितेंद्र मोहन पूरी ने बताया कि यह पर्व सूर्यदेव के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश पर मनाया जाता है। अर्थात् यह सूर्यदेव की आराधना का प्रमुख पर्व है। आज से सूर्य के उत्तरायण होने को काफी शुभ माना जाता है। स्नान-दान का प्रमुख मुहूर्त सुबह चार बजे से दोपहर तीन बजे तक अत्यंत फलदायी रहेगा।
श्रद्धालु घाटों पर कर रहे दान
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 14 जनवरी की रात्रि 9 बजकर 36 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं। संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी की सुबह उदया तिथि पर होगा। गंगा के साथ अन्य पवित्र नदियों में स्नान-दान करने से अनन्य फल की प्राप्ति होती है। दशाश्वमेध मार्ग पर स्थित खिचड़िया के यहां भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग यहां चावल, दाल और सब्जियों का दान दे रहे हैं। साथ ही, श्रद्धालु घाटों पर फलों के साथ काले तिल और उड़द की दाल का भी दान कर रहे हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को गंगा घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया है। गोदौलिया से मैदागिन मार्ग‘नो व्हीकल जोन'घोषित किया गया है। मकर संक्रांति महापर्व पर काशी में करीब चार लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) अंशुमान मिश्रा ने बताया कि प्रमुख घाटों की ओर किसी भी प्रकार के वाहन जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, बड़े वाहनों के प्रवेश पर भी पूर्ण रोक रहेगी।

