ममता बनर्जी का केंद्र पर निशाना, पूछा कानपुर कांड पर जांच के लिए क्यों नहीं भेजी केंद्रीय टीम

punjabkesari.in Friday, Feb 17, 2023 - 05:08 PM (IST)

लखनऊ/ कोलकाता (अश्वनी कुमार सिंह) : उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में 13 फरवरी को अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई मां-बेटी की मौत पर पश्चिम बंगाल West Bengal की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी Chief Minister Mamta Banerjee ने केंद्र Center पर निशाना साधा है। बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि वह जानना चाहती है कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश BJP ruled Uttar Pradesh में एक अतिक्रमण रोधी अभियान Anti-encroachment campaign के दौरान मां-बेटी mother-daughter की मौत Death की जांच Test के लिए कोई केंद्रीय टीम central team क्यों नहीं भेजी गई? इसके साथ ही उन्होंने अपने राज्य को माओवादियों के आतंक Terror of Maoists से मुक्त होने का दावा किया।

BJP शासित राज्यों में टीमें क्यों नहीं भेजती केंद्र
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee ने बांकुडा bankuda में एक जनसभा public meeting को संबोधित addressed करते हुए कहा कि 13 फरवरी को कानपुर देहात जिले में एक अतिक्रमण विरोधी अभियान Anti-encroachment campaign
 के दौरान आत्मदाह के कारण मां-बेटी की मौत हो गई। बनर्जी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में गरीब लोगों को बेदखल करने के लिए सरकार द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बांकुडा में एक कार्यक्रम में केंद्र पर तंज कसते हुए पूछा कि आखिर ऐसी घटना होने पर भाजपा शासित राज्यों में कोई जांच क्यों नहीं की जाती है? वहां कोई केंद्रीय टीम क्यों नहीं भेजी गई?

हम गरीबों को जमीन देते है
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार गरीबों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें जमीन का अधिकार देती है। बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विभिन्न मुद्दों पर केंद्रीय टीमों को पश्चिम बंगाल भेजे जाने के बारे में मुखर रही है। हाल में मध्याह्न भोजन वितरण और राज्य में मनरेगा कार्यान्वयन में अनियमितताओं को लेकर भी केंद्रीय दल यहां जांच के लिए पहुंचा था। वहीं इस मामले को लेकर राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कानपुर देहात में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान मां-बेटी की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए है।

राज्य में माओवादियों का आतंक खत्म किया
उनकी पार्टी के शासन में राज्य को अति-वामपंथी आतंक से मुक्त किये जाने का दावा करते हुए बनर्जी ने कहा कि पहले माओवादियों की लूट के कारण, बांकुड़ा, पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम और पुरुलिया जिलों में फैले प्रभावित जंगलमहल क्षेत्र में लोग अपने घरों से बाहर नहीं जा सकते थे। उन्होंने कहा कि शुक्र है पिछले 11 वर्षों में कोई माओवादी हमला या घात लगाकर हमला नहीं हुआ है और किसी को भी इस तरह के डर से घर के अंदर नहीं रहना पड़ा है।

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Prashant Tiwari