वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष को दी नसीहत, कहा- बिल पर राजनीति कर रही कांग्रेस
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 02:23 PM (IST)

लखनऊ: वक़्फ़ विधेयक को लेकर जहां विपक्ष विरोध में खड़ा तो वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस विधेयक को लेकर बड़ा बयान दिया है। राजभर ने इस विधेयक का विरोध कर रहे लोगों से कई सवाल किए। उन्होंने कहा कि क्या वक्फ संपत्तियों में से किसी नान मुस्लिम में कभी इसका लाभ मिला है। कांग्रेस, सपा ,बसपा सिर्फ इस मुद्दे को लेकर वोट बैंक की राजनीति कर रही है।
#वक्फ_संशोधन_विधेयक का विरोध विपक्षी पार्टी इस लिए कर रही है क्योंकि वक्फ की संपत्ति पर सबसे ज़्यादा कब्जा मजबूत मुसलमान किए है जो विपक्षी दलों को फायदा पहुंचाते है,ये आम मुसलमानों को फायदा पहुँचाना नहीं चाहते है। एनडीए सरकार आम मुसलमानों को को हक दिलाने के लिए वक्फ संशोधन विधेयक… pic.twitter.com/rFneLfM1rM
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) April 2, 2025
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी इस लिए कर रही है क्योंकि वक्फ की संपत्ति पर सबसे ज्यादा कब्जा मजबूत मुसलमान किए है जो विपक्षी दलों को फायदा पहुंचाते है,ये आम मुसलमानों को फायदा पहुंचाना नहीं चाहते है। एनडीए सरकार आम मुसलमानों को को हक दिलाने के लिए वक्फ संशोधन विधेयक पास कराकर भारत के मुसलमानों को उनका हक दिलाना चाहती है, लेकिन वोट बैंक के लिए ये सब विरोध कर रहे हैं। जबकि सरकार संशोधन करके गरीबों को लाभ देना चाहती है।
आप को बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यह वक्फ संपत्तियों के लिए लाभकारी होने के बजाय नुकसानदेह होगा। एआईएमपीएलबी के वरिष्ठ कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, ‘‘एआईएमपीएलबी और अन्य मुस्लिम संगठनों ने विधेयक पर अपनी चिंताओं से संयुक्त संसदीय समिति को अवगत कराया था, लेकिन इस पर विचार नहीं किया गया। इसके बाद, दिल्ली और पटना समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए गए जहां प्रदर्शनकारियों ने असहमति दर्ज कराने के लिए सांकेतिक रूप से काली पट्टी बांधी।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने सभी सांसदों से मुस्लिम समुदाय की भावनाओं पर विचार करने और प्रस्तावित संशोधनों को खारिज करने का आग्रह किया है।
इस बीच, वाराणसी में विभिन्न अदालती मामलों में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि विधेयक ने वक्फ बोर्डों के पहले के कई अधिकारियों को कम कर दिया है, जो एक सकारात्मक कदम है। जैन ने कहा, ‘‘यह विधेयक वक्फ की परिभाषा में महत्वपूर्ण बदलाव करता है और इसकी अनियंत्रित शक्तियों को सीमित करता है। यह एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन कुछ पहलुओं पर अभी भी ध्यान देने और बहस की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘वक्फ संशोधन विधेयक के माध्यम से हमें बहुत राहत मिली है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ बाकी है। गलत तरीके से जिन संपत्तियों को वक्फ संपत्ति नामित किया गया उन्हें वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है।