पैगाम-ए-अमन कांफ्रेस का आयोजनः धर्म गुरुओं ने कहा मंदिर-मस्जिद दोनों सुख, शांति के रक्षक

11/8/2019 5:13:46 PM

लखनऊ: अयोध्या रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला आने की घड़ी जैसे जैसे करीब आ रही है प्रशासन की नजर हर अफवाहों पर है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। ऐसे में लखनऊ के इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की ओर से ईदगाह परिसर में पैगाम-ए-अमन कांफ्रेस का आयोजन किया गया। सभी धर्मगुरुओं ने मिलकर देश के अमन और चैन पर बातचीत की। धर्मगुरुओं ने देश के हर धर्म के व्यक्तियों से सुप्रीम कोर्ट की ओर से फैसला आने के बाद शांति व्यवस्था कायम रखने और फैसले के सम्मान करने की भी अपील की। इस मौके पर सभी धर्मगुरूओं ने भूमि विवाद को लेकर अहम बातें कही।

लखनऊ गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने कहा कि आज जब देश संकट की घडिय़ों से गुजर रहा है तो सभी व्यक्ति को एक साथ एक मंच पर बैठाना एक अच्छा संदेश देता है। वहीं मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि इस्लाम इंसानों के बीच अशांति कायम करने वालों को कभी माफ नहीं करता। पैगम्बर कहते हैं कि तू नीचे वालों पर रहम कर यही बात हर धर्म सिखाता है। ब्रह्मकुमारी राधा बहन के अनुसार कई फूल हैं और सबकी अपनी-अपनी सुंदरता है।

मस्जिद और मंदिर दोनों का उद्देश्य सुख और शांति है फिर क्यों ना हम उस उद्देश्य को कायम रखें। वहीं फादर मीराल्ड मीथाइज ने देश के लिए इस मंच से शांति दूत बनने की बात कही। अमन के मुद्दे पर आचार्य कृष्ण मोहन ने कहा कि हमारे दिलों में शांति है और इसे ही हमें कायम रखना है। स्वामी सारंग बिशप ने एक श्लोक सुनाकर देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने की प्रार्थना की। ईदगाह परिसर में सभी धर्म के गुरुओं के साथ-साथ आरके क्षेत्री, डॉक्टर गुरमीत सिंह और बड़ी संख्या में हर धर्म के लोग शामिल हुए। आयोजन का समापन शांतिपूर्वक संम्पन्न हो गया। वहीं सुबह से ईदगाह पर भारी संख्या में पुलिस भी मौजूद रही।


Ajay kumar

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