खुलासा: प्रधान ने अपने ही बेटे के अपहरण की रची थी साजिश, विपक्षियों के खिलाफ दर्ज कराया था केस

2/20/2021 2:31:54 PM

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश प्रदेश में पंचायत चुनाव की अभी तारीख का ऐलान नहीं हुआ है,लेकिन प्रधान पद के उम्मीदवार ग्राम प्रधान बनने के लिए लंबे अरसे से गोटिया बिछाने में जुड़ जाते हैं। अपने से दमदार उम्मीदवार प्रत्याशी को फंसाने के लिए षड्यंत्र रचने से नहीं चूकते हैं। ऐसा ही मामला जनपद मैनपुरी के थाना घिरोर में देखने को मिला है जहां एक वर्तमान प्रधान ने आगामी होने वाले चुनाव को लेकर अपने विपक्षियों को फंसाने के शाजिस रच डाली। वहीं अपने 8 विपक्षियों के खिलाफ पुत्र के अपहरण होने के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया।  वहीं पुलिस ने भी बिना जांच पड़ताल किए ही इस संबंध में 3 को आरोपी बना कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक मामला जनपद मैनपुरी के थाना घिरोर क्षेत्र के नगला बाग का है । इस गांव के वर्तमान प्रधान शकुंतला देवी ने अपने पुत्र अवधेश को ससुराल भेज दिया और उसके बाद में अपने ही ग्राम पंचायत के 8 लोगों के विरुद्ध पुत्र के अपहरण होने के मामले को लेकर रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। वहीं पुलिस बिना जांच किए ही शैलेंद्र आकाश सुरजीत फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया है।  वहीं अन्य 5 कमलेंद्र मिश्रा आलोक और सेतु दिलीप मिश्रा सुशील कुमार विजय कुमार आदि नामजद आरोपी 4 माह से पुलिस की दहशत से इधर-उधर भटकते रहे।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब गायब हुए प्रधान पुत्र को पास के गांव के युवक ने फिरोजाबाद में फैक्ट्री में मजदूरी करते हुए पहचाना लिया। उसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। फिरोजाबाद की पुलिस ने एक ग्लास फ़ैक्टरी से युवक को बरामद कर मैनपुरी के पुलिस को सौंपा दिया है। जिसे पुलिस ने बरामद हुए युवक को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। अब निर्दोष फंसे आरोपी न्यायालय के फैसले का इंतजार कर रहे है। अब पुलिस की इस कार्य शैली पर लोग सवाल उठा रहे। कि आखिर पुलिस ने बिना जांच के ही क्यों झूठे मुक्दमें में लोगों को फंसा कर जेल भेज दिया।


Content Writer

Ramkesh

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