प्रधानमंत्री ने पूर्वांचल की धरती से दीं स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी सौगातें

10/25/2021 5:45:43 PM

वाराणसी/सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश), 25 अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्वांचल की धरती से उत्तर प्रदेश और देश को स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी बड़ी सौगातें दीं।

प्रधानमंत्री ने ‘बुद्ध की नगरी’ सिद्धार्थनगर से राज्य के नौ जिलों में स्थापित मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया। वहीं, अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से देश के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा ढांचा तैयार करने के मकसद से तैयार किए गए ''पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन'' को राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही उन्होंने काशी के लिए 5189 करोड़ रुपए से अधिक की 28 विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया।

मोदी ने कहा कि यह मिशन पूरे देश में स्वास्थ्य के मूलभूत ढांचे को ताकत देने और भविष्य में महामारियों से बचाव की उच्च स्तरीय तैयारी का हिस्सा है। इस 64180 करोड़ रुपए के प्रावधान वाले मिशन से गांव और विकासखंड स्तर तक की स्वास्थ्य प्रणाली में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता आएगी।

उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत लक्ष्य यह है कि आने वाले चार-पांच सालों में देश के गांव से लेकर ब्लॉक, जिला, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर तक ‘क्रिटिकल हेल्थ केयर नेटवर्क’ को सशक्त किया जाए। इसके तीन बड़े पहलू हैं। पहला, बीमारी का पता लगाने और उसके इलाज के लिए विस्तृत सुविधाओं के निर्माण से जुड़ा है। दूसरा, रोगों की जांच के लिए टेस्टिंग नेटवर्क से संबंधित है और तीसरा देश में मौजूद प्रयोगशालाओं को और बेहतर बनाने से जुड़ा है। इस मिशन के माध्यम से देश के कोने-कोने में इलाज से लेकर क्रिटिकल रिसर्च एक पूरा इको सिस्टम विकसित किया जा रहा है।

सिद्धार्थनगर और वाराणसी दोनों ही जगह के कार्यक्रम में विपक्ष भी प्रधानमंत्री के निशाने पर रहा। इस दौरान मोदी ने केंद्र और प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों पर स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन पर इसे भ्रष्टाचार और घोटालों का जरिया बना देने का भी इल्जाम लगाया।

सिद्धार्थनगर में नौ मेडिकल कॉलेजों के लोकार्पण के मौके पर उन्होंने खासकर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा, “पिछली सरकारों ने पूर्वांचल की छवि खराब कर दी थी। दूसरी तरफ गरीबों के करोड़ों रुपए लूटने वाली भ्रष्टाचार की साइकिल 24 घंटे अलग से चलती रहती थी। इस पूरे खेल में उत्तर प्रदेश के कुछ परिवारवादियों का खूब भला हुआ। भ्रष्टाचार की साइकिल तो खूब चली लेकिन इसमें पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश का गरीब और सामान्य परिवार पिसता चला गया।”
गौरतलब है कि साइकिल समाजवादी पार्टी का चुनाव निशान है।

मोदी ने कहा, “जिस पूर्वांचल को पहले की सरकारों ने बीमारियों से जूझने के लिए छोड़ दिया था वहीं अब पूर्वी भारत का मेडिकल हब बनेगा। जिस पूर्वांचल को दिमागी बुखार से हुई मौतों की वजह से बदनाम कर दिया गया था वही अब पूर्वी भारत को सेहत का नया उजाला देने वाला है। आज का दिन पूर्वांचल के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश के लिए आरोग्य की डबल डोज लेकर आया है।”
उन्होंने आरोप लगाया, “देश में आजादी से पहले और उसके बाद भी मूलभूत चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई। देश के गरीब, दलित, शोषित, वंचित, किसान और गांव के लोग जब स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकार की तरफ देखते थे तो उन्हें निराशा ही हाथ लगती थी। इस मायूसी को उन्होंने अपनी नियति मान लिया था। हमसे पहले वर्षों तक जो सरकार में रहे उनके लिए स्वास्थ्य सेवा पैसा कमाने और घोटालों का जरिया रही है।”
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा, “हमारे यहां हर कर्म का मूल आधार आरोग्य को माना गया है लेकिन आजादी के बाद के लंबे कालखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं पर उतना ध्यान नहीं दिया गया जितना देश को जरूरत थी। गांव में या तो अस्पताल नहीं थे, अस्पताल थे तो इलाज करने वाला नहीं था। हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में व्याप्त कमियों ने गरीबों और मध्यम वर्ग में इलाज को लेकर हमेशा बनी रहने वाली चिंता पैदा की। आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन देश की स्वास्थ्य सुविधा प्रणाली में इसी कमी को दूर करने का एक समाधान है।”
उन्होंने कहा, “वर्ष 2014 में जब देश में भाजपा की सरकार बनी तो स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए एक महायज्ञ शुरू किया गया। उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहले कभी एक साथ नौ मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण नहीं हुआ। अब ऐसा क्यों हो रहा है। इसका कारण है राजनीतिक इच्छा और राजनीतिक प्राथमिकता।”
मोदी अपने दौरे के दौरान पहले सिद्धार्थ नगर पहुंचे और वहां के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और जौनपुर के मेडिकल कॉलेजों का भी डिजिटल माध्यम से लोकार्पण किया। इन मेडिकल कॉलेजों का निर्माण 2329 करोड़ रुपए की कुल लागत से किया गया है।

मोदी ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी का जिक्र करते हुए कहा, “अतीत में जिस प्रकार काम हुआ, अगर वह सही तरीके से होता तो आज काशी की स्थिति क्या होती। दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी को इन्होंने (पिछली सरकारों ने) अपने हाल पर छोड़ रखा था। लटकते बिजली के तार, ऊबड़-खाबड़ सड़कें, घाटों और गंगा मैया की दुर्दशा, जाम, प्रदूषण और अव्यवस्था... यही सब कुछ चलता रहता था। आज काशी का हृदय वही है, मन वही है, लेकिन काया को सुधारने का ईमानदारी से प्रयास हो रहा है। जितना काम वाराणसी में पिछले सात सालों में हुआ है। उतना पिछले कई दशकों में नहीं हुआ था।”
गौरतलब है कि पांच साल तक चलने वाली ''पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना'' के लिए बजट में 64,180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी घोषणा 2021-2022 के केंद्रीय बजट में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के सुदूर हिस्सों में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता विकसित करना है। साथ ही देश में ही अनुसंधान, परीक्षण और उपचार के लिये एक आधुनिक व्यवस्थित तंत्र विकसित करना भी है।

इस योजना में 17,788 ग्रामीण तथा 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के विकास के लिये समर्थन प्रदान करने तथा सभी ज़िलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं 11 राज्यों में 3,382 ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना करने के लक्ष्य शामिल हैं।

इसके अलावा 602 ज़िलों और 12 केंद्रीय संस्थानों में ‘क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक’ स्थापित करने में सहायता करना, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र तथा इसकी पांच क्षेत्रीय शाखाओं एवं 20 महानगरीय स्वास्थ्य निगरानी इकाइयों को मज़बूत करना भी इस योजना का लक्ष्य है।


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PTI News Agency

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