MBBS कोर्स में फर्जी प्रवेश को लेकर सख्त SC ने UP के इस मेडिकल कॉलेज पर ठोका 5 करोड़ का जुर्माना

2/25/2021 9:21:18 AM

लखनऊः एमबीबीएस कोर्स में फर्जी प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश लखनऊ के सरस्वती मेडिकल कॉलेज पर पांच करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। कॉलेज में मेडिकल काउंसिलिंग के नियमों के विरुद्ध 132 छात्रों को एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश देने पर जुर्माने के साथ ही कोर्ट ने इस कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों को आदेश दिया है कि वे एमबीबीएस कोर्स पूर्रा करने के बाद दो साल तक समुदायिक सेवा करेंगे।

बता दें कि फर्जी तरीके से प्रवेश लेने वाले छात्रों को कैसी सेवा देनी होगी ये मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया तय करेगी। वहीं जुर्माने की पांच करोड़ रुपये की रकम गरीब छात्रों को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश में सहायता देने में इस्तेमाल की जाएगी। कोर्ट ने इसके लिए यूपी के महालेखाकर को लेकर एक ट्रस्ट बनाने का अदेश दिया है। यह पहला मौका है जब सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल छात्रों को सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश इसलिए दिया कि छात्रों को पता था कि काउंसिल ने इस कॉलेज को उन्हें एडमिशन देने के लिए अधिकृत नहीं किया है क्योंकि वे नीट की मेरिट के अनुसार एडमिशन के हकदार नहीं थे। लेकिन फिर भी उन्होंने प्रवेश ले लिया था। कोर्ट ने कहा कि छात्रों का 2017-18 का प्रवेश एकदम अवैध व नियमों के विरुद्ध था और उनकी ये याचिका खारिज होनी चाहिए थी लेकिन अब वे दो साल की पढ़ाई कर चुके हैं और इस वक्त उनका प्रवेश निरस्त करने से कोई उद्देश्य हल नहीं होगा। यह याचिका अधिवक्ता राजीव कुमार दुबे ने दायर की थी।

जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस रविंद्र भट्ट की पीठ ने मेडिकल काउंसिल को निर्देश दिया कि वह एक ट्रस्ट बनाए जिसमें यूपी के महालेखाकार और प्रमुख शिक्षा विशेषज्ञ शामिल होंगे। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश की अनुपालन की रिपोर्ट 12 हफ्तों में कोर्ट में पेश की जाए।

 


Content Writer

Moulshree Tripathi

Related News