UP में फिर खुले स्कूल: डेढ़ साल बाद बच्चों के चेहरे पर दिखी मुस्कान, कोरोना प्रोटोकॉल के साथ क्लास में हुई एंट्री

punjabkesari.in Wednesday, Sep 01, 2021 - 01:34 PM (IST)

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में कोविड संक्रमण की वजह से बीते डेढ़ साल से बंद चल रहे प्राइमरी स्कूल आज फिर से खुल गए। प्रयागराज में भी स्कूल खुलने के बाद एक बार फिर से प्राइमरी स्कूल के छात्र स्कूल पहुंचे हैं। हालांकि पिछले कई दिनों से स्कूल प्रशासन स्कूल के हर हिस्सों को सेनेटाइज़ और सफाई की व्यवस्था में जुटा हुआ था। वहीं प्रयागराज के यमुना पार स्थित बेथनी कान्वेंट स्कूल में भीकोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए प्राइमरी क्लास की ऑफलाइन पढ़ाई की शुरुआत हुई है।

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कोविड गाइडलाइन का हुआ पालन
सरकार द्वारा दी गई गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रशासन ने स्कूल में हर ज़रूरी उपकरण लगा दिए है। स्कूल आने वाले हर बच्चे की एंट्री गेट पर थर्मल स्कैनिंग हो रही है,  फिर क्लास रूम से पहले दो जगह बॉडी सेनेटाइज़ होने के बाद क्लास रूम में एंट्री दी गई। क्लास रूम को सेनेटाइज़ करने के साथ ही मेडिकल रूम को भी बनाया गया है। कोविड टास्क फोर्स का भी गठन किया है जो हर बच्चे को मॉनिटर कर रहा है। स्कूल पहुंच कर बच्चे बेहद खुश हैं और क्लास में पढ़ा रही टीचर्स भी बच्चों के स्कूल आने से खुश नजर आ रही हैं। कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए बच्चों को पढ़ाया जा रहा है और उचित दूरी पर बच्चों को बैठाया गया है।   

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'ऑनलाइन क्लास में होती थी समस्या'
बच्चों का कहना है कि ऑनलाइन क्लास में बहुत समस्या होती थी लेकिन अब ऑफलाइन क्लास होने से ज्यादा समझ में आ रहा है। शिक्षिका स्टेला का कहना है कि कोरोना काल ने पढ़ाई को काफी प्रभावित किया है।

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हालांकि सभी शिक्षकों की कोशिश रहती है की ऑनलाइन पढ़ाई के जरिए छात्रों को अच्छे से समझाया जाए लेकिन जो बात ऑफलाइन पढ़ाई में है वह ऑनलाइन में थोड़ी सी कम है। क्योंकि बच्चे आए दिन यह शिकायत करते रहते थे कि कभी नेटवर्क की समस्या है तो कभी इंटरनेट की स्पीड कम है। अब बच्चों का खास ख्याल रखा जा रहा है और हर बच्चे की मॉनिटरिंग की जा रही है। उचित दूरी पर बच्चों को बठाने के साथ समय-समय पर हाथों को सेनिटाइज भी कराया जा रहा है। हालांकि इससे पहले सरकार ने कक्षा 6 वीं 8वीं तक के विद्यार्थियों को 50 फीसदी की उपस्थिति के साथ स्कूल में बुलाने का फैसला किया था।

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वहीं बेथनी कान्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर शिल्पा का कहना है कि एक दिन पहले ही तैयारियां पूरी कर ली गई थी,  जिन बच्चों के अभिभावक ने बच्चे को स्कूल भेजने की दिलचस्पी दिखाई है उन्हीं बच्चों को ही स्कूल में एंट्री दी जाएगी। इसके साथ ही अगर किसी विद्यार्थी,  शिक्षक या अन्य कर्मचारी को खांसी-जुकाम या बुखार के लक्षण होंगे तो उसे प्राथमिक उपचार देकर तत्काल घर भेज दिया जाएगा। सीसीटीवी के जरिए भी सिस्टर शिल्पा हर क्लास की मॉनिटरिंग कर रही हैं। हालांकि अभी केवल चौथी और पांचवी क्लास के बच्चों को बुलाया गया है। प्रिंसिपल सिस्टर शिल्पा का यह भी कहना है कि एक ये एक बड़ा चैलेंज है लेकिन सभी शिक्षक और स्कूल प्रशासन के मिलकर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए तैयार है।


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Content Writer

Umakant yadav

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