सड़क हादसों पर सख्ती: 500 से ज्यादा मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट, थाना प्रभारी लाइन हाजिर, जांच शुरू

punjabkesari.in Thursday, Apr 09, 2026 - 01:42 PM (IST)

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2024 में 500 से अधिक लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत दर्ज होने के बाद अब शासन और पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है।

अधिकारियों पर कार्रवाई
प्रदेश स्तर पर समीक्षा के बाद रामसनेहीघाट कोतवाली प्रभारी जगदीश प्रसाद शुक्ला को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं क्षेत्राधिकारी यातायात आलोक कुमार पाठक के कार्यों की जांच शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा में लापरवाही पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।

चिंताजनक आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, बाराबंकी देश के सड़क हादसों से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में 68वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले पांच वर्षों में जिले में करीब 2000 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में जा चुकी है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

प्रदेश स्तर पर सख्ती
राजीव कृष्ण के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 20 जिलों में यातायात सुधार के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। दुर्घटनाओं को रोकने में विफल रहने वाले कई थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की जा रही है।

लक्ष्य पूरा करने में विफलता
जिले में 2024 के लिए सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर सीमित ही रहा। रामसनेहीघाट क्षेत्र में पिछले तीन महीनों में 21 हादसे दर्ज हुए, जो पिछले साल की तुलना में काफी अधिक हैं।

ब्लैक स्पॉट चिन्हित
बढ़ते हादसों को देखते हुए जिले के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों को ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित किया गया है। यहां जल्द ही स्पीड कैमरा, रेड लाइट कैमरा और अन्य निगरानी उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके।

आगे की तैयारी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे, ताकि हादसों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।


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Content Writer

Ramkesh

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